बिहार में स्थापित होगा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, विराट रामायण मंदिर की भव्यता चरम पर
बिहार के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत चकिया-केसरिया पथ पर स्थित कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य पूरी गति से चल रहा है। इस भव्य मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थापित होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग होगा, जिसकी ऊंचाई 33 फीट और वजन 210 मीट्रिक टन है। इस विशाल शिवलिंग को स्थापित करने के लिए मंदिर परिसर में प्लेटफार्म और अर्घा का निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर है।
सूत्रों के अनुसार, यह अद्भुत शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से कैथवलिया के लिए सड़क मार्ग से रवाना हो चुका है। इसे लाने के लिए विशेष रूप से 96 चक्कों वाले एक विशालकाय ट्रक का इस्तेमाल किया जा रहा है। लगभग चार वर्षों की अथक मेहनत के बाद, एक ही ग्रेनाइट पत्थर को तराश कर इस अलौकिक शिवलिंग को तैयार किया गया है। इस शिवलिंग को महाबलीपुरम से हैदराबाद, नागपुर, जबलपुर, मिर्जापुर, आरा, छपरा, मसरख, मोहम्मदपुर, खजुरिया होते हुए कैथवलिया तक पहुंचाया जाएगा।
इस विशालकाय शिवलिंग को बिहार तक पहुंचाने में लगभग दो महीने का समय लगने का अनुमान है। इतने बड़े और भारी शिवलिंग को मंदिर तक पहुंचाना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसके लिए पूर्व में महावीर मंदिर न्यास, पटना के तत्कालीन सचिव स्व. किशोर कुणाल ने जिला प्रशासन से इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की थी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवस्थित चकिया अथवा खजुरिया से कैथवलिया तक पहुंचने के मार्ग में सड़क और पुलों की वर्तमान स्थिति बाधा उत्पन्न कर सकती है, जिस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
विराट रामायण मंदिर को महावीर मंदिर न्यास, पटना के तत्कालीन सचिव स्व. किशोर कुणाल के सपनों का मंदिर माना जाता है। उन्होंने जीवन के अंतिम समय तक तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए इसे आकार देने के लिए अथक प्रयास किए। यह मंदिर कुल 270 फीट ऊंचा होगा, जबकि इसकी लंबाई 108 फीट और चौड़ाई 580 फीट होगी। 3 लाख 76 हजार वर्ग फीट में बनने वाला यह मंदिर भारतीय वास्तुकला और धार्मिक आस्था का एक अनूठा संगम होगा।
