पुष्पांजलि बाग में रैंप तोड़ने की कार्रवाई में भेदभाव का आरोप
दयालबाग स्थित पुष्पांजलि बाग कॉलोनी में नगर निगम की टीम द्वारा घरों के आगे बनी रैंपों को तोड़ने की कार्रवाई पर भेदभाव के गंभीर आरोप लगे हैं। क्षेत्रीय निवासी अतुल शर्मा ने दावा किया है कि 22 नवंबर को नगर निगम की एक टीम कॉलोनी में सड़क तक बनी रैंपों को तोड़ने पहुंची थी। कॉलोनी में कुल मिलाकर लगभग 280 आवास हैं, लेकिन निगम कर्मियों ने केवल अतुल शर्मा सहित दो-तीन घरों की ही रैंप तोड़ी और फिर वापस लौट गईं।
अतुल शर्मा ने इस अचानक हुई कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पहले उनके घर पर न तो कोई नोटिस भेजा गया और न ही किसी प्रकार की सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि जब यह तोड़फोड़ हुई, तब घर पर उनकी 80 वर्षीय बीमार माता, पत्नी और दो नाबालिग बेटियां ही मौजूद थीं। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरा परिवार भयभीत और गहरे तनाव में आ गया।
निवासी का आरोप है कि नगर निगम ने यह पक्षपातपूर्ण कार्रवाई कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर की है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि रैंपें अवैध थीं, तो सभी 280 घरों के सामने बनी रैंपों पर समान कार्रवाई होनी चाहिए थी, न कि केवल कुछ चुनिंदा घरों पर। इस घटना ने कॉलोनीवासियों के बीच असुरक्षा और अन्याय की भावना पैदा कर दी है।
इस मामले को लेकर अतुल शर्मा ने नगर आयुक्त से तत्काल हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि निगम के इस रवैये की गहन जांच हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी भेदभावपूर्ण कार्रवाई न हो। शर्मा ने यह भी मांग की है कि जिन घरों की रैंपें तोड़ी गई हैं, उनके साथ हुए अन्याय का निवारण किया जाए और सभी के साथ समान व्यवहार हो।
