मोहना मार्ग घोटाला: घटिया सामग्री से निर्माण, 50 करोड़ का भुगतान, जांच की मांग
बल्लभगढ़ में मोहना मार्ग को चार लेन में चौड़ा करने की महत्वाकांक्षी परियोजना एक बड़े घोटाले की भेंट चढ़ गई है। निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है, जिसके नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार ने हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल निर्माण निगम (एचएसआरडीसी) के अधिकारियों से कथित मिलीभगत कर इस परियोजना के लिए 62 करोड़ रुपये की लागत में से लगभग 50 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, मोहना रोड का निर्माण कार्य चंदावली गांव से लेकर केजीपी तक चल रहा है। दिसंबर 2022 से शुरू हुए इस निर्माण कार्य में अभी तक अटाली गांव में प्रगति शून्य है। इसका मुख्य कारण भूमि विवाद बताया जा रहा है। अटाली गांव में लोक निर्माण विभाग के पास पर्याप्त भूमि नहीं है, और जहां से सड़क गुजरनी है, वह कई जगहों पर ग्रामीणों की निजी भूमि बताई जा रही है। ग्रामीणों के मकान भी सड़क की भूमि में आ रहे हैं, और वे न तो अपनी भूमि छोड़ने को तैयार हैं और न ही मकान तोड़ने को। चंदावली गांव में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बताई जा रही है।
इस बीच, छांयसा गांव के पास एक स्थानीय फैक्ट्री प्रबंधन ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए दो जगहों से नमूने लिए थे। इन नमूनों को गुरुग्राम की एक प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया, जहां वे फेल पाए गए। इस बारे में फैक्ट्री प्रबंधन ने एचएसआरडीसी के अधिकारियों को शिकायत भी की है।
एचएसआरडीसी के अधिकारियों का कहना है कि चूंकि ठेकेदार ने अधिकांश भुगतान ले लिया है, इसलिए अब उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, विभाग ने ठेकेदार के 10 करोड़ रुपये रोक दिए हैं क्योंकि उसने अभी तक अटाली और चंदावली में निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है। विभाग ने जिन हिस्सों से फेल नमूने पाए गए थे, उन्हें दोबारा खोदकर सही सामग्री से निर्माण कराने का आदेश दिया है। एचएसआरडीसी के उपमहाप्रबंधक सचिन सिरोह ने बताया कि ठेकेदार के रोके गए पैसों का उपयोग खराब हिस्सों को ठीक करने में किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने इस मामले को एक बड़ा घोटाला करार देते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है और जनता को घटिया सड़क का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार को इस मामले की गहराई से जांच करवानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
