बिजली बिल के बकाए पर भारी छूट, यूपी सरकार की ओटीएस योजना का लाभ उठाएं
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिजली बिल के लंबित विवादों का शीघ्र समाधान करना और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना है। योजना के तहत, बिजली उपभोक्ताओं के मूल बकाया राशि पर भी अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया गया है, जिससे लंबे समय से भुगतान न कर पाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर पंजीकरण कराना होगा। यह योजना तीन चरणों में 1 दिसंबर से शुरू होकर 28 फरवरी तक जारी रहेगी। इसके अंतर्गत, पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ताओं के लिए 100 प्रतिशत ब्याज माफ कर दिया जाएगा। यह छूट विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित होगी जिन पर ब्याज के रूप में बड़ी राशि बकाया है।
नए नियमों के अनुसार, समस्या निवारण के लिए उपभोक्ताओं को पहले 2000 रुपये का पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा, जिसके बाद संबंधित विभाग उनकी समस्याओं का समाधान करेगा। यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दो किलोवाट और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए एक किलोवाट तक के बिलों पर लागू होगी। विद्युत चोरी के मामलों में राजस्व निर्धारण पर भी अधिकतम 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है, जो तीन चरणों में पंजीकरण कराने पर मिलेगी।
इस योजना के माध्यम से उपभोक्ता मासिक किस्तों में भुगतान कर छूट का लाभ उठा सकते हैं। पंजीकरण के लिए विभागीय खंड कार्यालय, उपखंड कार्यालय, कैश काउंटर, जनसेवा केंद्र और विभागीय वेबसाइट जैसे विभिन्न माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। अधिशाषी अभियंता शहरी राहुल बर्नवाल ने नगर जिले के सभी उपभोक्ताओं से इस योजना का भरपूर लाभ उठाने की अपील की है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह योजना विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो बिजली बिल के बकाया भुगतान से जूझ रहे हैं। सरकार का यह कदम उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बिजली विभाग के राजस्व को भी बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश भर के लाखों उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है, जैसा कि देवरिया जैसे जिलों में 3.10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलने की बात कही जा रही है।
