इलाहाबाद हाई कोर्ट में निजी सचिव संवर्ग के 446 पदों का विभाजन मंजूर
उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में निजी सचिव संवर्ग के 446 पदों के विभाजन को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ ही, उच्च न्यायालय में अपर निजी सचिव के 156 पदों को निजी सचिव ग्रेड-एक के पदों पर उच्चीकृत भी किया गया है। न्याय विभाग के प्रमुख सचिव ने इस संबंध में एक विस्तृत आदेश जारी किया है, जिसमें पदों के विभाजन का पूरा विवरण शामिल है।
इस विभाजन के उपरांत, निजी सचिव संवर्ग में विभिन्न स्तरों पर पदों का पुनर्गठन किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, निजी सचिव ग्रेड-एक के 209 पद सृजित किए गए हैं। वहीं, सहायक निबंधक सह निजी सचिव ग्रेड-दो के 115 पद, उप निबंधक सह निजी सचिव ग्रेड-तीन के 87 पद, संयुक्त निबंधक सह निजी सचिव ग्रेड-चार के 28 पद और निबंधक सह प्रमुख निजी सचिव के सात पद होंगे।
सूत्रों का कहना है कि इस पुनर्गठन का उद्देश्य उच्च न्यायालय के प्रशासनिक कार्यों में अधिक दक्षता लाना और कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के बेहतर अवसर प्रदान करना है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में होने वाले प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस निर्णय से न्यायिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे आम जनता को न्याय प्रक्रिया में तेजी और सुविधा मिलने की संभावना है। इस आदेश के जारी होने के बाद संबंधित विभागों में आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
