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इतिहास की किताबों से ‘महान’ अकबर-टीपू हटे, RSS नेता सुनील आंबेकर ने किया दावा

By Nov 22, 2025

महाराष्ट्र के नागपुर शहर में आयोजित ऑरेंज सिटी लिटरेचर फेस्टिवल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता सुनील आंबेकर ने इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में हुए बदलावों पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने दावा किया कि अब इतिहास की किताबों से मुगल बादशाह अकबर और मैसूर के शासक टीपू सुल्तान जैसे नामों के आगे से ‘महान’ शब्द हटा दिया गया है।

आंबेकर ने बताया कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने यह बदलाव किया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन किताबों से किसी भी ऐतिहासिक हस्ती को पूरी तरह हटाया नहीं गया है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को इन शासकों के ‘क्रूर कार्यों’ और उनके शासनकाल के नकारात्मक पहलुओं से अवगत कराना है, ताकि वे समझ सकें कि समाज किन कारणों से पीड़ित हुआ और किनसे मुक्ति की आवश्यकता थी।

उन्होंने कहा, “इतिहास की किताबें बदल रही हैं और मुझे बहुत खुशी है कि NCERT ने एक बहुत अच्छी पहल की है। कक्षा 9, 10 और 12 की किताबों में बदलाव अगले साल किए जाएंगे।” आंबेकर ने आगे कहा, “अब, उनमें न तो ‘अकबर महान’ है और न ही ‘टीपू सुल्तान महान’ है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई पीढ़ी को उनके क्रूर कारनामों के बारे में पता होना चाहिए।

सुनील आंबेकर ने भारत के प्राचीन ज्ञान भंडार का भी उल्लेख किया और कहा कि इन्हें सीखना और समझना हमारे जीवन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए बताया कि यह केवल धार्मिक शिक्षा का केंद्र नहीं था, बल्कि वहां 76 प्रकार के कौशल-आधारित व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी पढ़ाए जाते थे, जिनमें खेती, शहरी नियोजन, गुप्तचर विद्या और राजनीतिक शासन जैसे विषय शामिल थे।

आंबेकर ने इस बात पर भी चिंता जताई कि विकास की दौड़ में दुनिया भर के देश अपनी सभ्यता और संस्कृति से समझौता कर रहे हैं और बाजार तथा नई तकनीक के आगे घुटने टेक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे भले ही सुविधाएं मिली हों, लेकिन इसकी कीमत व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक रिश्तों और नैतिक मूल्यों को चुकानी पड़ी है। उन्होंने भारत के भविष्य के समाज के स्वरूप पर भी विचार करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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