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YouTube लाया शानदार फीचर: अब ऐप में ही दोस्तों से करें वीडियो शेयर और चैट

By Nov 22, 2025

लोकप्रिय वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। छह साल के अंतराल के बाद, कंपनी अपने मोबाइल ऐप में प्राइवेट मैसेजिंग फीचर को फिर से पेश करने की टेस्टिंग कर रही है। इस नई सुविधा के तहत, यूजर्स अब सीधे YouTube ऐप के भीतर ही अपने दोस्तों के साथ वीडियो शेयर कर सकेंगे और रियल-टाइम में चैट कर सकेंगे।

यह टेस्टिंग फिलहाल आयरलैंड और पोलैंड में 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के यूजर्स के लिए की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस फीचर के माध्यम से यूजर्स लंबे वीडियो, शॉर्ट्स और लाइवस्ट्रीम को सीधे YouTube ऐप से ही शेयर कर पाएंगे और उन पर तुरंत प्रतिक्रिया या बातचीत कर सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यूजर्स को वीडियो शेयर करने या उस पर चर्चा करने के लिए WhatsApp, Instagram या किसी अन्य मैसेजिंग ऐप पर स्विच करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे अनुभव अधिक सहज और एकीकृत हो जाएगा।

कंपनी के सपोर्ट पेजों पर दी गई जानकारी के अनुसार, यह फीचर शेयर बटन के माध्यम से एक्टिवेट किया जा सकता है। इस पर टैप करने से एक फुल-स्क्रीन चैट विंडो खुलेगी, जहां से वीडियो भेजे जा सकेंगे, वन-ऑन-वन या ग्रुप चैट शुरू किए जा सकेंगे और टेक्स्ट, इमोजी या अन्य वीडियो के साथ रिप्लाई किया जा सकेगा। YouTube का कहना है कि यह फीचर यूजर्स द्वारा सबसे अधिक बार मांगी गई सुविधाओं में से एक है।

इस रोलआउट के साथ कड़े सुरक्षा उपाय भी जोड़े गए हैं। सभी संदेश YouTube की कम्युनिटी गाइडलाइंस के अधीन होंगे। प्लेटफॉर्म नियमों का उल्लंघन करने वाले या हानिकारक संदेशों को स्कैन और रिव्यू कर सकता है। बातचीत शुरू करने से पहले यूजर्स को चैट इनवाइट स्वीकार करना होगा। इसके अलावा, यूजर्स चैनलों को ब्लॉक कर सकते हैं, चैट्स को रिपोर्ट कर सकते हैं या संदेशों को अनसेंड भी कर सकते हैं। मैसेज अलर्ट्स को YouTube के अन्य नोटिफिकेशन्स के साथ ही दिखाया जाएगा।

गौरतलब है कि YouTube ने 2019 में अपना पुराना मैसेजिंग सिस्टम बंद कर दिया था, जिसके पीछे चाइल्ड सेफ्टी संबंधी चिंताओं को एक मुख्य कारण माना गया था। नया टेस्ट केवल वयस्कों तक सीमित है ताकि संभावित जोखिमों को कम किया जा सके और प्लेटफॉर्म इस बात का अध्ययन कर सके कि फीचर का उपयोग कैसे किया जा रहा है।

इस सीमित परीक्षण के नतीजों के आधार पर, YouTube भविष्य में इस फीचर को अन्य देशों में भी लॉन्च करने का निर्णय ले सकता है। इस तरह के नियंत्रित परीक्षण से कंपनी को मजबूत डिजिटल सुरक्षा नियमों के साथ एक सुरक्षित माहौल मिलता है। यह कदम Spotify जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स के समान रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जो यूजर्स को अपने ऐप के भीतर ही कंटेंट शेयर करने और बातचीत करने के विकल्प देकर उन्हें प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

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