गोरखपुर विश्वविद्यालय में खुलेगा मास कम्युनिकेशन का संस्थान, 70 लाख का बजट स्वीकृत
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय डिजिटल शिक्षा, मीडिया रिसर्च और नवाचार के क्षेत्र में अपनी पहचान को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में जल्द ही इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन की स्थापना की जाएगी, जिसके माध्यम से छात्रों को आधुनिक पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के विविध आयामों से संबंधित कई नए और रोजगारपरक कोर्स उपलब्ध होंगे। इस संस्थान की प्रमुख विशेषताओं में फिल्म मेकिंग, वीडियो एडिटिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पॉडकास्ट प्रोडक्शन जैसे अत्याधुनिक कार्यक्रम शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (रुसा) और मल्टी डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (मेरु) योजनाओं के तहत प्राप्त अनुदान से 70 लाख रुपये की लागत से एक हाई-टेक डिजिटल मीडिया लैब स्थापित करने को अपनी मंजूरी दे दी है। इस अत्याधुनिक लैब में नवीनतम उपकरणों, सॉफ्टवेयर और स्टूडियो सुविधाओं का समावेश किया जाएगा। इसके माध्यम से छात्र न केवल डिजिटल मीडिया के विभिन्न टूल्स का उपयोग करना सीखेंगे, बल्कि लाइव-स्ट्रीमिंग, डॉक्यूमेंट्री निर्माण, ऑनलाइन टीचिंग कंटेंट तैयार करना और वर्चुअल प्रेजेंटेशन जैसी आधुनिक क्षमताओं को भी विकसित कर सकेंगे।
यह नई लैब विश्वविद्यालय को डिजिटल एजुकेशन-इकोसिस्टम का एक प्रमुख केंद्र बनाएगी। नई शिक्षा नीति में सुझाए गए तकनीक-आधारित ऑनलाइन शिक्षण मॉडल जैसे मूक्स (MOOCs), स्वयं (SWAYAM) और एमएमएस (MMS) आधारित क्लासरूम के लिए आवश्यक कंटेंट का निर्माण अब विश्वविद्यालय स्वयं कर सकेगा। लेक्चर रिकॉर्डिंग, पॉडकास्टिंग, वर्चुअल रियलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कंटेंट निर्माण और मल्टीमीडिया प्रोडक्शन जैसे कौशल छात्रों को उद्योग जगत के लिए तैयार करेंगे। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस पहल के माध्यम से संस्थान की अकादमिक और शोध गतिविधियों का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया, वेब प्लेटफॉर्मों और लाइव-स्ट्रीमिंग के जरिए देश और दुनिया तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार की उम्मीद
विविध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग फ्रेमवर्क में बेहतर प्रदर्शन करने से उत्साहित विश्वविद्यालय प्रशासन को इस नई पहल से भी काफी उम्मीदें हैं। विश्वविद्यालय का मानना है कि डिजिटल मीडिया लैब की स्थापना से परिसर की शोध क्षमता, ऑनलाइन पहुंच और नवाचार गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका सकारात्मक प्रभाव नैक (NAAC), एनआईआरएफ (NIRF) और टाइम (Times) जैसी प्रतिष्ठित रैंकिंग में भी देखने को मिलेगा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “यह मीडिया लैब हमारे छात्रों को उद्योग जगत के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मीडिया के विद्यार्थियों को आधुनिक मीडिया टूल्स पर काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और वे प्रोफेशनल दुनिया में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। यह पहल विश्वविद्यालय की शिक्षा गुणवत्ता को एक नई दिशा देगी और हमें नैक व एनआईआरएफ जैसी रैंकिंग में भी मजबूती प्रदान करेगी।”
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