छात्रवृत्ति आवेदनों में देरी पर डीएम सख्त, 16654 आवेदन तीन दिन में करें अग्रसारित
दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षण संस्थानों द्वारा अग्रसारित किए जाने के लिए 16654 आवेदन पत्र लंबित होने के कारण मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग ‘सी’ श्रेणी में आ गई है, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी ने समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने स्तर पर लंबित 16654 दशमोत्तर छात्रवृत्ति आवेदनों को तीन कार्य दिवस के भीतर शिक्षण संस्थाओं की लॉगिन से अग्रसारित या निरस्त की कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन आवेदनों के लंबित होने का मुख्य कारण शिक्षण संस्थाओं द्वारा छात्रों के आवेदनों को समय पर फॉरवर्ड न करना है। इस कारण कई पात्र छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ पाने से वंचित रह सकते हैं। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर रैंकिंग गिरने को एक गंभीर विषय माना जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद, विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों, प्राचार्यों और प्राचार्याओं को शासन की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे अपने लॉगिन से लंबित आवेदनों को तत्काल आगे बढ़ाएं। उम्मीद है कि इन निर्देशों के बाद कॉलेजों में प्रक्रिया में तेजी आएगी और अधिक से अधिक योग्य छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ मिल सकेगा। यह कदम प्रदेश सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति को जमीनी स्तर पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
