जंक्शन के दूसरे प्रवेश द्वार पर यात्रियों की सुविधा के लिए एस्केलेटर का कार्य प्रारंभ
रेलवे जंक्शन के द्वितीय प्रवेश द्वार से प्लेटफार्मों तक पहुंचने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस प्रवेश द्वार से विभिन्न प्लेटफार्मों तक पहुंचने के लिए यात्रियों को लगभग पचास सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, जिससे विशेषकर वृद्धों, बच्चों और महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इस समस्या का समाधान करने के लिए स्वचलित सीढ़ियां यानी एस्केलेटर लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, एस्केलेटर के लिए आवश्यक पिलर और दीवारों का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला है। इसके पूरा होते ही स्वचलित सीढ़ियां लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। यह सुविधा यात्रियों को प्लेटफार्म तक पहुंचने में लगने वाली शारीरिक मशक्कत को काफी हद तक कम करेगी और उनके सफर को अधिक आरामदायक बनाएगी।
प्रथम और तृतीय प्रवेश द्वारों पर पहले से ही यात्रियों की सुविधा के लिए एस्केलेटर लगाए जा चुके हैं। द्वितीय प्रवेश द्वार पर इनकी कमी यात्रियों के लिए एक बड़ी बाधा बनी हुई थी। नए फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से प्लेटफार्मों तक पहुंचने के लिए भी यात्रियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे यह परेशानी और बढ़ जाती है।
इस संबंध में स्टेशन निदेशक एपी श्रीवास्तव ने बताया कि स्वचलित सीढ़ियां लगाने का कार्य शुरू हो चुका है और इसे जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल से यात्रियों, विशेषकर कमजोर वर्ग के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
ज्ञात हो कि पूर्व में इसी द्वितीय प्रवेश द्वार पर सीढ़ियां चढ़ते समय एक वृद्ध यात्री को दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई थी। यह घटना यात्रियों की असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को उजागर करती है। नए एस्केलेटर के लगने से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति की संभावना भी काफी कम हो जाएगी।
