नष्ट हुए चार पौधों का बदला: किसान ने लगाए 14, स्वयं संभाली देखभाल की ज़िम्मेदारी
गांगनौली गांव के निकट वन विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 में रोपे गए चार पेड़ नष्ट होने की घटना सामने आई है। इस मामले में, एक स्थानीय किसान ने न केवल नष्ट हुए पौधों की जगह 14 नए पौधे लगाए, बल्कि उनकी देखभाल की ज़िम्मेदारी भी स्वयं उठा ली।
सूत्रों के अनुसार, गांगनौली गांव के पास किसान अमित के खेत के सामने वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों में से चार को किसी ने नष्ट कर दिया था। इस घटना की सूचना मिलने पर, वन विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए एक टीम मौके पर भेजी। गुरुवार को वन दरोगा विनोद कुमार और संजीव कुमार, वन रक्षक सुशील कुमार ने किसान अमित से इस संबंध में पूछताछ की।
किसान अमित ने किसी भी तरह से पेड़ नष्ट करने के कृत्य से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रकृति प्रेमी हैं और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोच भी नहीं सकते। इसके विपरीत, उन्होंने वन विभाग की टीम के समक्ष एक प्रशंसनीय कदम उठाया। उन्होंने अपनी निजी नर्सरी से चक्रेसिया, कनक चप्पा, पीपल और पपड़ी जैसी प्रजातियों के 14 नए पौधे खरीदकर लगवाए। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि किसान अमित ने इन नए लगाए गए पौधों की पूरी देखभाल करने और उन्हें स्वस्थ रूप से विकसित होने में मदद करने का संकल्प लिया है।
वन क्षेत्राधिकारी बड़ौत, सुनेंद्र कुमार ने किसान अमित की इस पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि खेत के सामने लगे पेड़ों की देखभाल की ज़िम्मेदारी निभाना एक सराहनीय कार्य है और यह अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह घटना दर्शाती है कि कैसे नागरिक अपनी सक्रिय भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
