वृंदावन में ब्रजोत्सव-2025 का शुभारंभ: ब्रज संस्कृति की लालित्यपूर्ण छटा
वृंदावन शोध संस्थान में बुधवार को संस्थान के 58वें स्थापना दिवस एवं विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर ब्रजोत्सव-2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर ब्रज संस्कृति की अनूठी और लालित्यपूर्ण विशेषताओं को दर्शाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न संतों और विद्वानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के पहले दिन, ‘वन देवी वृंदा: मूर्त-अमूर्त संदर्भों में’ विषय पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया, जिसने ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया। इसके साथ ही, ब्रजभाषा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय विद्यालयों के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर एक विवरणिका का भी लोकार्पण किया गया।
संत गोविंदानंद तीर्थ ने ब्रज संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बहुत ही लालित्यपूर्ण है। उन्होंने ब्रज की कला, संगीत, और भाषा की सराहना की। अखिल भारतीय चतुः सम्प्रदाय विरक्त परिषद के महंत फूलडोल बिहारी दास, राधावल्लभ सम्प्रदायाचार्य श्रीहित राधेशलाल, सुदामा कुटी के महंत अमर दास, श्रीराधावल्लभ निर्मोही अखाड़ा रासमंडल के महंत लाड़िलीशरण, उमा शक्ति पीठाधीश्वर स्वामी रामदेवानंद, स्वामी महेशानंद सरस्वती और पीपा पीठाधीश्वर बाबा बलरामदास सहित कई अन्य संतों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का स्वागत संस्थान के अध्यक्ष आरडी पालीवाल और सचिव प्रवीण गुप्ता ने किया। ब्रजभाषा भाषण प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें हनुमान प्रसाद धानुका बालिका सरस्वती विद्या मंदिर, कान्हा माखन पब्लिक स्कूल, रामकली देवी बालिका सरस्वती विद्या मंदिर, वृंदावन पब्लिक स्कूल, न्यू ईरा पब्लिक स्कूल, हेरिटेज पब्लिक स्कूल और सत्यादेवी गर्ग सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र-छात्राएं शामिल थे। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में साधना कुलश्रेष्ठ, राम सेवक और डॉ. ब्रजभूषण चतुर्वेदी शामिल थे। कार्यक्रम का समन्वय और संचालन डॉ. राजेश शर्मा और ममता गौतम ने किया।
इस अवसर पर श्रीहित गोविंदलाल गोस्वमी, श्रीहित सुकृतलाल गोस्वामी, डॉ. गोविंद पाठक, स्वामी सौरव द्विवेदी, कपिल देव उपाध्याय, नगर निगम के उप-सभापति मुकेश सारस्वत, डॉ. जितेन्द्र सिंह राणा, सुमनकांत पालीवाल, डॉ. चंद्रप्रकाश शर्मा, आचार्य देवकीनंदन गोस्वामी, सुरेशचन्द्र शर्मा, मुकेश भारद्वाज, ठा. कालीचरण सिंह, सुशीला गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस कार्यक्रम ने ब्रज संस्कृति के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाई और इसे संरक्षित करने के लिए प्रेरित किया।
सूत्रों के अनुसार, इस तरह के आयोजन ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
