नैनीताल में 17 घंटे बाद मिला रुद्रपुर का छात्र: जंगल में भटकने के बाद सकुशल बरामद
नैनीताल के जंगलों में एक बड़ी खोज के बाद रुद्रपुर के 12वीं कक्षा के छात्र जयस कार्की को सकुशल बरामद कर लिया गया। छात्र, जो अपने दोस्तों के साथ घूमने आया था, चाइना पीक पर ट्रेकिंग के दौरान रास्ता भटक गया था। सूत्रों के अनुसार, जयस के कानों में एयरफोन लगे होने के कारण वह रास्ता भूल गया, जिससे वह घने जंगल में भटक गया।
घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें हरकत में आईं और रात भर जंगल में खोजबीन करती रहीं। लगभग 17 घंटे तक चले खोज अभियान के बाद, छात्र को घायल अवस्था में ढूंढ निकाला गया। उसे तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में परिवार को सौंप दिया गया।
यह घटना मंगलवार की है, जब जयस अपने पांच दोस्तों के साथ नैनीताल घूमने आया था। जयस और उसके दोस्त सागर बिष्ट चाइना पीक की ओर गए, जबकि अन्य दोस्त कैमल्स बैक की तरफ ट्रेकिंग के लिए निकल गए। शाम को वापस लौटते समय, जयस रास्ता भटक गया। सागर ने उसे ढूंढने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा होने के कारण वह भी रास्ता भटक गया।
सागर ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कोतवाली, तल्लीताल थाना, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग के लगभग 50 कर्मियों ने रात भर खोज अभियान चलाया। सुबह तक छात्र का कोई पता नहीं चला, जिसके बाद पीएससी और वन विभाग की टीमें भी शामिल हो गईं। पांच विभागों के सौ से अधिक कर्मियों ने संयुक्त रूप से खोज अभियान चलाया और आखिरकार जयस को घने जंगल के बीच ढूंढ निकाला।
इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया है, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग और घूमने के दौरान। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे ऐसे क्षेत्रों में जाते समय सावधानी बरतें और स्थानीय दिशानिर्देशों का पालन करें। इस घटना ने यह भी उजागर किया है कि आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है।
प्राथमिक उपचार के बाद, जयस को बीडी पांडे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई। बाद में, उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर ले जाया गया। इस घटना ने न केवल छात्र के परिवार को राहत दी, बल्कि पुलिस और बचाव दल के प्रयासों की सराहना भी की जा रही है।
