झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू, राज्यपाल ने दी मंजूरी
रांची: झारखंड विधानसभा का चतुर्थ शीतकालीन सत्र पांच दिसंबर से शुरू होगा, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विधिवत मंजूरी प्रदान कर दी है। यह सत्र 11 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें कुल पांच कार्यदिवस निर्धारित हैं। इस दौरान जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रश्नकाल, द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा और विभिन्न विधेयकों को पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी औपबंधिक कार्यक्रम को मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया गया है।
विधायकों को 18 नवंबर से जनहित से जुड़े प्रश्न विधानसभा में दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध होगी। सत्र के चार दिन प्रश्नकाल के लिए निर्धारित हैं, जो सदन की कार्यवाही का एक अहम हिस्सा होगा। विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सभी सदस्यों, मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों को सत्र आहूत होने की सूचना भेज दी है।
सत्र के पहले दिन, पांच दिसंबर को, यदि आवश्यकता हुई तो नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ या प्रतिज्ञान ग्रहण कराया जाएगा। इसके उपरांत, राज्यपाल द्वारा सत्रावधि में जारी अध्यादेशों की प्रमाणित प्रतियां सदन के पटल पर रखी जाएंगी। परंपरा के अनुसार, सत्र की शुरुआत में शोक प्रस्ताव भी लाए जाएंगे।
शनिवार और रविवार, छह एवं सात दिसंबर को अवकाश रहेगा। आठ दिसंबर से सदन का नियमित कामकाज शुरू होगा। इस दिन प्रश्नकाल के बाद वित्त मंत्री चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी प्रस्तुत करेंगे। 10 और 11 दिसंबर को प्रश्नकाल के अलावा विभिन्न राजकीय विधेयकों पर चर्चा होगी और उन्हें पारित करने की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। सत्र के अंतिम दिन, 11 दिसंबर को, गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयक और प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों और विपक्षी दलों द्वारा सत्र में बालू माफिया, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से कड़े सवाल पूछे जाने की उम्मीद है। इन ज्वलंत मुद्दों पर जोरदार बहस की संभावना है, जिससे यह सत्र राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण हो सकता है।
