ओवरलोड वाहनों के मददगार लोकेटरों पर बड़ी कार्रवाई, 23 नामजद, 200 अज्ञात पर FIR
हमीरपुर में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के परिवहन में मददगार बन रहे लोकेटरों के खिलाफ प्रशासन का शिकंजा कस गया है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना और पुलिस अधीक्षक डा.दीक्षा शर्मा के निर्देश पर 23 नामजद और 200 अज्ञात लोकेटरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इन पर अधिकारियों की लोकेशन बताने, उनका पीछा करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, टीम पर हमला करने और हथियार लेकर चलने जैसे कुल 13 आरोप लगाए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद से लोकेटरों, वाहन चालकों और मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन द्वारा अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग वाहनों की निकासी को लेकर चलाए गए अभियान के बाद यह बड़ी कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। इस टीम ने अपनी जांच के दौरान पाया कि कुछ लोकेटर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अधिकारियों की पल-पल की लोकेशन साझा करते थे, जिससे चेकिंग अभियान की जानकारी लीक हो जाती थी। जांच में एक डंपर चालक के मोबाइल से ऐसे लोकेटरों के नंबर भी मिले थे, जो ओवरलोड और बिना रॉयल्टी वाले वाहनों को निकालने में मदद करते थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खान निरीक्षक की तहरीर पर सदर कोतवाली में हमीरपुर, कानपुर नगर के घाटमपुर और जालौन निवासी 23 नामजद लोकेटरों, दस वाहनों और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ गिरोह बनाकर काम करने, चेकिंग टीमों को लोकेशन देने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, अधिकारियों का पीछा करने और हमला करने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इन लोकेटरों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित की हैं और विभिन्न थाना क्षेत्रों में इनकी तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई से अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों में भय का माहौल है।
