लालू यादव ने पारिवारिक कलह पर तोड़ी चुप्पी, कहा – घर का मामला, घर में सुलझेगा
बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी के भीतर और यादव परिवार में चल रही खींचतान के बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपने नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि तेजस्वी यादव और उनकी बेटी रोहिणी आचार्य के बीच जो भी मतभेद हैं, वह घर का मामला है और इसे घर में ही सुलझाया जाएगा।
पटना में आयोजित राजद की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, जिसमें लालू की पत्नी राबड़ी देवी, बड़ी बेटी मीसा भारती और वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह सहित पार्टी के कई प्रमुख नेता मौजूद थे, लालू यादव ने इस पारिवारिक मसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “यह हमारे घर का मामला है। सभी घरों में इस तरह की बातें होती हैं। हम इसे घर में ही सुलझाएंगे। मैं इसे निपटाने के लिए यहां हूं।”
इस बैठक में तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना गया। लालू यादव ने तेजस्वी की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार चुनाव के लिए “बहुत मेहनत” की और पार्टी को आगे बढ़ाया है। करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में तेजस्वी यादव ने जीते हुए और हारे हुए उम्मीदवारों से अलग-अलग चर्चा की। इसी दौरान राजद सुप्रीमो ने यह भी स्पष्ट किया कि तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष होंगे।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में चुनाव परिणामों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और कुछ नेताओं ने चुनाव में धांधली के आरोप भी लगाए। इस मुद्दे पर महागठबंधन के अन्य नेताओं से विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उजियारपुर के विधायक आलोक मेहता ने कहा कि इस बात की समीक्षा की जा रही है कि कहां-कहां चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई और लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हुआ। पूर्व विधायक अख्तरुल ईमान शाहीन ने भी चुनाव परिणाम को अप्रत्याशित बताते हुए कहा कि मतदान से पहले महिलाओं के खातों में पैसे भेजे गए और चुनाव में धांधली हुई है, जिस पर मिल बैठकर विमर्श किया जाएगा।
गौरतलब है कि 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में राजद मात्र 25 सीटें ही जीत पाई, जो 2010 के बाद उसका दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। इस परिणाम के बाद से ही पार्टी और यादव परिवार में माहौल गर्म है, और इसी पृष्ठभूमि में लालू यादव का यह बयान सामने आया है।
