ठंड की दस्तक: घुटनों और कमर दर्द के मरीजों की बढ़ी पीड़ा, ओपीडी में दोगुना हुए मरीज
देहरादून में सर्दी का मौसम दस्तक दे चुका है और इसके साथ ही घुटनों व कमर दर्द से परेशान मरीजों की पीड़ा भी बढ़ गई है। खासकर बुजुर्गों, पुराने गठिया से पीड़ित लोगों और पूर्व में चोटिल रहे व्यक्तियों के लिए यह मौसम मुश्किल भरा साबित हो रहा है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में जोड़ों के दर्द के मामलों में सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना वृद्धि देखी गई है। सोमवार को भी ओपीडी में 300 से अधिक मरीज पहुंचे।
चिकित्सकों का कहना है कि सर्दियों में तापमान गिरने के कारण शरीर का रक्त संचार धीमा पड़ जाता है। इससे जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां और ऊतक सख्त हो जाते हैं, जिससे अकड़न, सूजन और दर्द की समस्या उत्पन्न होती है। जिन लोगों को पहले से जोड़ों में कोई पुरानी चोट रही है, उनमें भी इस मौसम में दर्द बढ़ जाता है। कई मरीज तो सुबह बिस्तर से उठने या सामान्य दैनिक क्रियाएं करने में भी असमर्थ महसूस करते हैं।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अस्थि रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल जोशी के अनुसार, ‘सर्दी के मौसम में जोड़ों पर प्रभाव सबसे अधिक पड़ता है। कमर और घुटनों के दर्द के मरीज इन दिनों काफी संख्या में आ रहे हैं। तापमान में गिरावट के साथ जोड़ों में जकड़न और दर्द बढ़ जाता है।’ उन्होंने आगे कहा कि ऐसे में सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।’
डॉ. जोशी ने मरीजों को विशेष सलाह देते हुए कहा कि सर्दियों में शरीर को गर्म रखना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, नियमित रूप से हल्का व्यायाम और स्ट्रेचिंग करना, गर्म पानी से सिकाई करना और पौष्टिक व संतुलित आहार लेना जोड़ों के दर्द को कम करने में सहायक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि जोड़ों में दर्द, सूजन और सुबह की जकड़न लंबे समय तक बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। बदलता मौसम जोड़ों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, इसलिए इस दौरान विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है।
