RSS प्रमुख मोहन भागवत असम में, शताब्दी समारोह की तैयारियों का जायजा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत सोमवार को तीन दिवसीय दौरे पर असम के गुवाहाटी पहुंचे हैं। यह यात्रा संगठन के आगामी शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों की तैयारियों के महत्वपूर्ण चरण के तौर पर देखी जा रही है। भागवत के आगमन से आरएसएस के पूर्वोत्तर क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद, मोहन भागवत सीधे गुवाहाटी स्थित आरएसएस के राज्य मुख्यालय सुदर्शनालय पहुंचे, जहां उन्होंने आंतरिक बैठकें कीं। इन बैठकों में शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और भविष्य की रणनीतियों पर मंथन होगा। यह दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि आरएसएस का पूर्वोत्तर में अपना नेटवर्क तेजी से बढ़ा रहा है और इस क्षेत्र में सांस्कृतिक एकीकरण, सामुदायिक जुड़ाव तथा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है।
यह इसी वर्ष मोहन भागवत की असम की दूसरी यात्रा है। इससे पहले फरवरी में भी वे गुवाहाटी में पांच दिन बिता चुके हैं और राज्य के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर चुके हैं। इस बार के दौरे में, वे असम में शताब्दी वर्ष से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा लेंगे और राज्य स्तरीय संघ नेतृत्व के साथ मिलकर भविष्य की योजनाओं को अंतिम रूप देंगे।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को भागवत एक नागरिक सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जिसमें क्षेत्र के प्रमुख साहित्यकार, संपादक और उद्योगपति हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर संवाद स्थापित करना होगा। वहीं, बुधवार को वे एक युवा सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के युवा शामिल होंगे। इस सम्मेलन के माध्यम से युवाओं को संगठन के उद्देश्यों से अवगत कराने और उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा।
संगठन के एक प्रवक्ता ने बताया कि भागवत 20 नवंबर को मणिपुर के लिए रवाना होंगे, जहां वे इसी तरह के संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। आरएसएस के लिए पूर्वोत्तर का यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, और भागवत की यात्राओं से यहां संगठन को और मजबूत करने की उम्मीद है।
