कर्नाटक: कांग्रेस गढ़ में RSS का मार्च, प्रशासन ने कड़ी शर्तों पर दी इजाजत
कर्नाटक के कलबुर्गी जिले के चित्तपुर विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने रविवार को एक मार्च निकाला, जिसके लिए जिला प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विशेष शर्तें लागू की थीं। चित्तपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियांक खरगे करते हैं, जो पूर्व में RSS के आलोचक रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन ने पहले इस मार्च की अनुमति देने से हिचकिचाया था। हालांकि, अदालत के हस्तक्षेप के बाद, प्रशासन ने कड़े नियमों और शर्तों के साथ मार्च को हरी झंडी दे दी। इस मार्च में सीमित संख्या में, केवल 350 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मार्च दोपहर में बजाज कल्याण मंडप से शुरू हुआ और लगभग एक किलोमीटर की दूरी तय करते हुए संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे मार्ग को भगवा झंडों से सजाया गया था। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे जिन्होंने RSS कार्यकर्ताओं पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया।
मार्च के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए RSS कर्नाटक उत्तर क्षेत्र प्रमुख कृष्ण जोशी ने कहा कि जो लोग पहले RSS का विरोध करते थे, वे अब उसकी प्रशंसा करते हैं और उसे अपनाते हैं। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधा।
सुरक्षा के मद्देनजर, पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे मार्च मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और ड्रोन से लगातार निगरानी रखी जा रही थी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई अप्रिय घटना न हो, प्रशासन पूरी तरह सतर्क था।
गौरतलब है कि प्रियांक खरगे समय-समय पर RSS की गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था कि RSS को कर्नाटक में किसी भी सरकारी जमीन या संपत्ति पर अपनी शाखाएं या मार्च आयोजित करने की अनुमति न मिले, क्योंकि उनके अनुसार यह नफरत फैलाती है।
इस घटनाक्रम के बीच, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और राजनीतिक दल इस तरह के आयोजनों पर भविष्य में क्या रुख अपनाते हैं। अदालत के आदेश के बाद मार्च की अनुमति ने एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं।
