मुंगेर के रेलवे अस्पताल में अब आमजन भी होंगे इलाजरत, केंद्र का प्रस्ताव
मुंगेर के जमालपुर स्थित रेलवे अस्पताल में अब आम नागरिकों का भी इलाज संभव हो सकेगा। केंद्र सरकार ने पूर्व रेलवे कोलकाता को इस आशय का एक प्रस्ताव भेजा है, जिसका उद्देश्य रेलवे अस्पतालों की मौजूदा क्षमता का बेहतर उपयोग करना है। इस पहल से मुंगेर के निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद जगी है। प्रस्ताव पर पूर्व रेलवे विचार कर रहा है और जल्द ही इस पर निर्णय लिए जाने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, जमालपुर रेलवे अस्पताल, जो मालदा रेल मंडल का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल है, में आने वाले समय में आम लोगों के इलाज की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके एवज में मरीजों से निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। इस सुविधा के शुरू होने से न केवल मुंगेर के बल्कि पड़ोसी जिलों जैसे खगड़िया, लखीसराय और जमुई के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
प्रधान मुख्य स्वास्थ्य निदेशक नटराजन बसप्पा ने बताया कि अस्पताल के इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जा रहा है। यहां रेलवे के साथ-साथ निजी चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देंगे। अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक नए भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस नए भवन में एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो वर्तमान में अलग-अलग बिल्डिंगों में होने के कारण मरीजों को होने वाली परेशानी को दूर करेंगी। ऑपरेशन थिएटर में एक्स-रे मशीन सहित कई अन्य जांच मशीनें भी स्थापित की जाएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि जब तक अस्पताल की आधारभूत संरचना को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक बड़े चिकित्सकों को यहां आने के लिए प्रेरित करना संभव नहीं होगा। पूर्व में, निर्धारित शुल्क के भुगतान के साथ यहां बाहरी मरीजों का भी इलाज किया जाता था, लेकिन लगभग सात से आठ साल पहले चिकित्सकों और आवश्यक सुविधाओं की कमी के कारण यह सुविधा बंद कर दी गई थी।
प्रधान मुख्य स्वास्थ्य निदेशक के एकदिवसीय निरीक्षण के बाद, रेलकर्मियों, उनके परिजनों और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने बताया कि पूर्व रेलवे मुख्य अस्पताल में स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन उच्च गुणवत्ता वाली इमेजिंग प्रदान करेगी, जिससे चिकित्सकों को निदान में स्पष्टता मिलेगी और किसी भी प्रकार के संशय की गुंजाइश नहीं रहेगी।
