गुरुग्राम की हवा फिर जहरीली, एक्यूआई 300 पार, सांस लेना हुआ मुश्किल
गुरुग्राम की हवा एक बार फिर सांस लेने लायक नहीं रह गई है। रविवार शाम को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 301 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। दिवाली के बाद से ही शहर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा हुआ है और अब यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
प्रदूषित हवा के कारण लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कतें हो रही हैं, वहीं आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायतें भी बढ़ गई हैं। हवा में जहरीले कणों की मात्रा इतनी अधिक है कि बच्चों और बुजुर्गों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह और शाम के समय, जब प्रदूषण का स्तर सर्वाधिक होता है, तब घर से बाहर टहलने या अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
शहर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल, वाहनों का बढ़ता धुआं, औद्योगिक गतिविधियों का जारी रहना और सड़कों पर फैले कचरे को जलाना, ये सभी मिलकर हवा को जहरीला बना रहे हैं। कई इलाकों में खुले में कूड़ा जलाने की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिससे हवा में हानिकारक कणों का घुलना बढ़ गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शनिवार को भी एक्यूआई इसी गंभीर श्रेणी के आसपास बना हुआ था। स्मॉग की चादर ने रविवार सुबह शहर को पूरी तरह ढक लिया था, जिससे दृश्यता भी काफी प्रभावित हुई। इस गंभीर वायु गुणवत्ता के कारण सांस संबंधी बीमारियां, सीने में भारीपन और आंखों में जलन का खतरा काफी बढ़ जाता है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन उपायों के असर को दिखने में समय लगेगा। फिलहाल, नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है, खासकर कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों को अपने घरों में ही रहना चाहिए और केवल आवश्यक होने पर ही बाहर निकलना चाहिए।
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