जहानाबाद चुनाव: जनसुराज की हार, पर गठबंधन की राह मुश्किल
जहानाबाद और अरवल जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर जनसुराज पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिन्हें कुल मिलाकर 22 हजार 39 वोट ही मिले। यह परिणाम पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि मतदाताओं ने जनसुराज के प्रत्याशियों पर भरोसा नहीं दिखाया।
जनसुराज के प्रत्याशियों में जहानाबाद से अभिराम शर्मा को सर्वाधिक 5760 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। कुर्था विधानसभा से रामबली सिंह ने 5030 वोट प्राप्त किए और वे भी तीसरे नंबर पर रहे। अरवल से कुंती देवी को 3376 वोट मिले, जो उन्हें पांचवां स्थान दिला सके। घोसी से प्रभात कुमार 3070 वोटों के साथ छठे स्थान पर रहे, जबकि मखदुमपुर से शंकर स्वरूप ने 4803 वोट लाकर तीसरा स्थान हासिल किया।
जनसुराज का खेमा भले ही मतदाताओं का विश्वास जीतने में नाकाम रहा हो, लेकिन उसने कई सीटों पर एनडीए और महागठबंधन के प्रत्याशियों की जीत के अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जहानाबाद में राजद केवल 793 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर सका, जबकि कुर्था में जदयू की जीत का मार्जिन 5481 वोट रहा, जो कि जनसुराज द्वारा काटे गए वोटों के लगभग बराबर था। मखदुमपुर में राजद ने मात्र 1830 वोटों से जीत हासिल की, जहां जनसुराज ने दोगुने से भी अधिक वोट काटकर जीत को मुश्किल बना दिया। हालांकि, अरवल और घोसी विधानसभा क्षेत्रों में जनसुराज का प्रभाव नगण्य रहा।
चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए, जनसुराज के एक उम्मीदवार ने कहा कि हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी अभी शैशवावस्था में है और इस बार परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहा। उन्होंने उन सभी मतदाताओं को धन्यवाद दिया जिन्होंने जनसुराज को अपना मत दिया।
