“title”: “लखनऊ: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर पूर्व डीजीएम से 47 लाख की ठगी, साइबर जालसाजों का आतंक”,
“subtitle”: “सीबीआइ अधिकारी बनकर मनी लॉन्ड्रिंग का झांसा देकर पूर्व डीजीएम से 47 लाख की धोखाधड़ी।”,
“summary”: “लखनऊ में साइबर ठगों ने उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के एक सेवानिवृत्त डीजीएम ओम प्रकाश को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 47 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने खुद को सीबीआइ अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। दो दिन तक उन्हें धमकाकर कई बार में रुपये ट्रांसफर कराए गए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने अपने बेटे को जानकारी दी और साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस आईपी एड्रेस की मदद से जालसाजों की तलाश कर रही है।”,
“content”: “लखनऊ में साइबर अपराधियों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला आलमबाग के श्रीनगर निवासी उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के सेवानिवृत्त डीजीएम ओम प्रकाश से जुड़ा है, जिन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर जालसाजों ने 47 लाख रुपये ठग लिए। खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) का अधिकारी बताने वाले इन ठगों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी।nnपीड़ित ओम प्रकाश ने बताया कि 11 नवंबर को उनके पास एक फोन
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