हल्द्वानी फर्जी निवास प्रमाणपत्र घोटाला: फैजान के पुराने कारनामे और बड़े खुलासे की उम्मीद
हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में स्थायी निवास प्रमाणपत्रों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी का खुलासा कुमाऊं कमिश्नर के औचक निरीक्षण के दौरान हुआ, जिसमें अरायजनवीस फैजान नामक व्यक्ति को रंगे हाथों पकड़ा गया। फैजान पर आरोप है कि वह बरेली के मुस्लिम समुदाय के लोगों को फर्जी दस्तावेज तैयार कर उत्तराखंड का स्थायी निवासी बना रहा था। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है और कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
कमिश्नर दीपक रावत ने गुरुवार को एक शिकायत के आधार पर बनभूलपुरा में छापा मारा था। इस दौरान पता चला कि फैजान एक संगठित तरीके से फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का काम कर रहा था। उसके पास से कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए। जांच में सामने आया कि वह एक ही नाम के दूसरे व्यक्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर हेराफेरी करता था, ताकि दस्तावेजी प्रक्रिया में कोई अड़चन न आए और बाहरी राज्यों के लोगों को आसानी से उत्तराखंड का निवासी दर्शाया जा सके।
पुलिस ने फैजान के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस की अलग-अलग टीमें इस मामले की तह तक जाने में जुटी हैं। पुलिस फैजान के मोबाइल फोन और लैपटॉप को खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि उसने अब तक कितने लोगों के फर्जी स्थायी निवास या अन्य प्रमाणपत्र बनाए हैं। सूत्रों के अनुसार, फैजान ने पहले भी कई लोगों के लिए ऐसे प्रमाणपत्र तैयार किए हैं, जिनमें से अधिकांश बाहरी राज्यों के विभिन्न शहरों से संबंधित थे।
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह फर्जीवाड़ा अकेले फैजान का काम नहीं हो सकता और इसमें एक बड़ा रैकेट शामिल होने की संभावना है। कुछ संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है, जिनके इस मामले से जुड़े होने का संदेह है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों का पर्दाफाश हो जाएगा। इस घटना ने प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया है और भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़ों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही जा रही है।
