वेतन विसंगति और अन्य मांगों को लेकर ट्रेन मैनेजरों का देशव्यापी धरना
भारतीय रेलवे में कार्यरत ट्रेन मैनेजरों ने वेतन विसंगति, खाली पदों को भरने और कार्यभार से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर बुधवार को देशव्यापी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन लखनऊ सहित देशभर के कई मंडलों में आयोजित किया गया। पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम कार्यालय परिसर में भी ट्रेन मैनेजरों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
प्रदर्शनकारी ट्रेन मैनेजरों की प्रमुख मांगों में रेलवे बोर्ड द्वारा 24 जनवरी 2025 को जारी किए गए एक विवादास्पद जेपीओ (संयुक्त प्रक्रिया आदेश) को रद्द करना शामिल है। इस आदेश के तहत, स्टेशन सेक्शन पर ड्यूटी के बाद मालगाड़ियों को खड़ा करने के लिए हैंडब्रेक लगाने और लॉक करने का कार्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्वाइंट्समैन के बजाय लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर को सौंपा गया है। ट्रेन मैनेजरों का कहना है कि यह उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों के अतिरिक्त है और सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठाता है।
वित्तीय मोर्चे पर, ट्रेन मैनेजरों ने आठवें वेतन आयोग में न्यायसंगत वेतन स्तर सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ट्रेन मैनेजरों के ग्रेड-पे में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए उन्हें भी एमएसीपी (संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति) का लाभ देने की अपील की है। यात्रा भत्ते के समान, किलोमीटर माइलेज भत्ते (केएमए) में भी 1 जनवरी 2024 से 25 प्रतिशत की वृद्धि करने और किलोमीटर माइलेज पर आयकर में 25 प्रतिशत छूट देने की मांग भी रखी गई है।
ट्रेन मैनेजरों ने रेलवे में लगातार बढ़ रही ट्रेनों की संख्या के बावजूद खाली पड़े पदों पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि ट्रेन प्रबंधकों के लगभग 25 प्रतिशत पद खाली हैं, जिससे मौजूदा स्टाफ पर काम का बोझ बढ़ रहा है। इन खाली पदों को तत्काल भरने की मांग भी की गई। अन्य महत्वपूर्ण मांगों में रेलवे बोर्ड के सेफ्टी निदेशालय की शक्तियों को बहाल करना और एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन योजना) व यूपीएस (अपरिवर्तनीय पेंशन योजना) को रद्द कर ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) को फिर से लागू करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने अंतिम बोगी पर लगने वाली टेल लाइट और टॉर्च में इस्तेमाल होने वाली बैटरी के भत्ते को बहुत कम दिए जाने पर भी विरोध जताया। उत्तर रेलवे के लखनऊ स्टेशन पर भी यह धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ट्रेन मैनेजरों ने भाग लिया।
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