भारतीय वायुसेना का फ्रांस में शक्ति प्रदर्शन, ‘गरुड़ 25’ अभ्यास में सुखोई-30 ने दिखाया दम
भारतीय वायुसेना (IAF) अपने शक्तिशाली सुखोई-30 एमकेआई जेट विमानों के साथ फ्रांस में ‘गरुड़ 25’ नामक द्विपक्षीय हवाई अभ्यास में भाग ले रही है। 16 से 27 नवंबर तक फ्रांस के मोंट-डे-मार्सन में आयोजित होने वाले इस अभ्यास में भारतीय लड़ाकू विमान फ्रांसीसी समकक्षों के साथ जटिल हवाई युद्ध परिदृश्यों में अपनी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य युद्ध जैसी परिस्थितियों में रणनीतियों और प्रक्रियाओं को परिष्कृत करना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष बल (FASF) के बीच द्विपक्षीय अभ्यास का आठवां संस्करण है। भारतीय वायुसेना का दल 10 नवंबर को ही फ्रांस पहुंच गया था, जो इस बड़े हवाई शक्ति प्रदर्शन के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह अभ्यास दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच अंतर-संचालन को बढ़ावा देने और संयुक्त अभियानों में समन्वय स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
इसी बीच, भारतीय वायुसेना का एक और दल दुबई एयर शो में भारत की हवाई शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है। प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमानों से युक्त यह दल 17 से 21 नवंबर तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए अल मकतूम एयरबेस पर उतरा है। दुबई एयर शो में 100 से अधिक वायु सेनाएं भाग ले रही हैं, जो इसे वैश्विक मंच पर अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बनाता है।
दुबई एयर शो में भागीदारी का उद्देश्य भी अंतर-संचालन क्षमता और परिचालन दक्षता में वृद्धि करना है, साथ ही सैन्य और व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देना है। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम, जिसका गठन 1996 में हुआ था, दुनिया की चुनिंदा नौ-विमान एरोबैटिक्स टीमों में से एक है और अपनी शानदार हवाई कलाबाजियों के लिए जानी जाती है।
ये दोनों अभ्यास भारतीय वायुसेना की बढ़ती वैश्विक पहुंच और विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। ये न केवल प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने के मंच हैं, बल्कि भारत की रक्षा क्षमताओं और कूटनीतिक संबंधों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।
