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बांका चुनाव: दिग्गज नेताओं के कटे टिकट, नए चेहरों पर दांव से सियासी हलचल तेज

By Nov 15, 2025

बांका जिले में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों द्वारा अपनाई गई नई रणनीति ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से चार पर दलों ने नए चेहरों पर दांव लगाया है, जिससे कई अनुभवी और दिग्गज नेता बेटिकट हो गए हैं। इन नेताओं में पूर्व मंत्री डॉ. जावेद इकबाल अंसारी, धोरैया के राजद विधायक भूदेव चौधरी, कटोरिया की भाजपा विधायक डॉ. निक्की हेंब्रम और बेलहर के पूर्व विधायक रामदेव यादव प्रमुख हैं, जिन पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

दलों के इस अप्रत्याशित फैसले ने इन नेताओं के राजनीतिक भविष्य को लेकर गहन चर्चा छेड़ दी है। भूदेव चौधरी तीन बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं, जबकि डॉ. जावेद इकबाल अंसारी दो बार मंत्री और विधान पार्षद का पद संभाल चुके हैं। इन दोनों की अगली राजनीतिक भूमिका को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, डॉ. निक्की हेंब्रम ने अपनी अगली रणनीति के संकेत देते हुए बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है और पार्टी ने उन्हें “बड़ी जिम्मेदारी” देने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, पूर्व विधायक रामदेव यादव ने अपने टिकट कटने पर “नो कमेंट” कहकर पल्ला झाड़ लिया।

दरअसल, इस चुनाव में तीन सीटों पर महागठबंधन और एक सीट पर एनडीए ने अपने उम्मीदवार बदले हैं। बेटिकट हुए इन दिग्गज नेताओं की अगली चाल पर सबकी नजर है। बांका, कटोरिया और धोरैया विधानसभा सीटों से महागठबंधन के प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान ये सभी प्रमुख नेता नदारद रहे। इतना ही नहीं, राजद के कुछ वरिष्ठ नेता जैसे बांका से मोहम्मद जुम्मन और बेलहर से महासचिव मिठन यादव ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

सुरक्षित सीट धोरैया से वर्तमान विधायक भूदेव चौधरी का टिकट उनकी जाति की कम आबादी को लेकर काटे जाने की चर्चा है। राजद ने यहां से महादलित समुदाय से आने वाले पूर्व विधायक नरेश दास के पुत्र त्रिभुवन दास को उम्मीदवार बनाया है। बांका सीट पर पिछले तीन दशकों से भाजपा और राजद के बीच कड़ी टक्कर रही है, जिसमें डॉ. जावेद ने तीन बार प्रतिनिधित्व किया है। पिछले चुनाव में भाजपा के रामनारायण मंडल से 17 हजार वोटों से हारने के बाद, इस बार पार्टी ने यह सीट भाकपा को सौंप दी है, जिसने पूर्व विधान पार्षद संजय कुमार को उम्मीदवार बनाया है।

कटोरिया की सुरक्षित सीट से महागठबंधन ने राजद की पूर्व विधायक स्वीटी सीमा हेंब्रम को उतारा है, जबकि एनडीए ने भाजपा की वर्तमान विधायक डॉ. निक्की हेंब्रम का टिकट काटकर पुरनलाल टुडू को नया चेहरा बनाया है। पुरनलाल के नामांकन से भी डॉ. निक्की गायब रहीं। बेलहर से राजद उम्मीदवार चाणक्य प्रकाश रंजन के नामांकन के दौरान भी पूर्व विधायक रामदेव यादव की अनुपस्थिति देखी गई। आने वाला समय ही बताएगा कि ये नाराज नेता चुनाव में क्या गुल खिलाएंगे, लेकिन फिलहाल इन सभी दिग्गजों के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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