घाटशिला उपचुनाव: सुदेश महतो का हेमंत सरकार पर तीखा हमला, बोले- जनता का निर्णय बदलेगा सिस्टम
आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो ने घाटशिला में एक बूथ सम्मेलन को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर जोरदार हमला बोला। एनडीए प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन के समर्थन में रविवार को आयोजित इस सम्मेलन में महतो ने सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
महतो ने महिला सम्मान राशि और विभिन्न पेंशन योजनाओं (दिव्यांग, वृद्धा, विधवा) में हो रही देरी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “महिला सम्मान के नाम पर सत्ता में आई हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में महिलाओं को सम्मान राशि खाते में आने का इंतजार करना पड़ रहा है। यह राशि अगर सम्मान का है तो महिलाओं को तीन-तीन महीना क्यों इंतजार करना पड़ रहा?” उन्होंने जोर देकर कहा कि हेमंत सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
सरकार पर लोकतंत्र की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सुदेश महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनता और विपक्ष से सवाल पूछने का अधिकार छीन लिया है। उन्होंने बताया कि झारखंड में सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे राज्य में “लोकतंत्र नहीं हेमंत सोरेन का राजतंत्र” चल रहा है।
महतो ने चुनाव से पहले घाटशिला को जिला बनाने की घोषणा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट में क्यों नहीं लाया जा रहा है। आजसू सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के शब्दकोश में ‘विकास’ जैसा कोई शब्द नहीं है, बल्कि यह पार्टी ‘निजी विकास’ और सामाजिक समरसता बिगाड़ने में विश्वास रखती है।
अपने संबोधन के अंत में सुदेश महतो ने जनता से एनडीए के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि घाटशिला उपचुनाव में जनता का यह निर्णय केवल सरकार बदलने का नहीं होगा, बल्कि “कम से कम जनता का निर्णय सिस्टम को बदल देगा।” उन्होंने दावा किया कि इसके बाद “कोई दारोगा सड़क पर खड़ा होकर हाथ देकर गाड़ियों से वसूली करता हुआ नजर नहीं आएगा।”
इस सम्मेलन को एनडीए प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन और पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस समेत कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। मंच संचालन प्रखंड प्रमुख रामदेव हेम्ब्रम ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन बुद्धेश्वर मुर्मू ने किया।
