वाराणसी: बेटे की गिरफ्तारी का डर दिखाकर मां से 7.72 लाख की ठगी, मुकदमा दर्ज
वाराणसी: साइबर अपराधियों ने अब डर और भावनात्मक ब्लैकमेल को अपना हथियार बनाते हुए एक महिला को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र में एक मां को उसके बेटे की गिरफ्तारी का डर दिखाकर साइबर ठगों ने 7 लाख 72 हजार रुपये ठग लिए। पीड़िता मंजू पटेल की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिससे इस तरह के ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।
यह सनसनीखेज मामला फूलपुर थाना क्षेत्र के असवारी (कुआर) गांव की निवासिनी मंजू पटेल के साथ घटित हुआ। शिकायत के अनुसार, साइबर अपराधी ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए मंजू पटेल के मोबाइल नंबर को हैक कर लिया। इसके बाद अपराधी ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए मंजू से संपर्क साधा, जिसमें उसके सूरत में रहने वाले 28 वर्षीय बेटे सुशोभित पटेल की आवाज में ‘मम्मी, मम्मी, पुलिस वाले बहुत मार रहे हैं’ जैसी बात सुनाई दी। अपने बेटे की गिरफ्तारी के डर से मंजू पटेल बुरी तरह घबरा गईं और उन्होंने इस बात की जानकारी घर में किसी को नहीं दी।
ठग ने, जिसने अपना नाम विपिन गुप्ता बताया, मंजू को एक बैंक खाता नंबर दिया और पैसे भेजने को कहा। बेटे को बचाने की हड़बड़ी में, मंजू ने पहली बार 15,000 रुपये उस खाते में भेज दिए। लेकिन ठग यहीं नहीं रुका। उसने बार-बार और पैसे भेजने का दबाव डाला, यह कहते हुए कि अगर पैसे नहीं भेजे गए तो उसके बेटे को छोड़ा नहीं जाएगा। अपनी आंखों के सामने बेटे को मुसीबत में देख, मंजू पटेल ने ठग द्वारा दिए गए कुल छह अलग-अलग बैंक खातों में टुकड़ों-टुकड़ों में कुल 7 लाख 72 हजार रुपये जमा करा दिए।
कुछ समय बाद जब मंजू पटेल को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उनके होश उड़ गए। लाखों रुपये गंवाने के बाद परेशान होकर उन्होंने फूलपुर थाने में विपिन कुमार गुप्ता नामक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। फूलपुर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने इस संबंध में बताया कि पीड़िता की तहरीर पर विपिन कुमार गुप्ता के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
यह घटना साइबर अपराधियों की बढ़ती सक्रियता और उनके नए-नए पैंतरों को उजागर करती है। वे अब लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात फोन कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप कॉल पर विश्वास न करें, खासकर यदि वह पैसे की मांग करता हो। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें और अपनी निजी व बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
