अमेरिका में ट्रंप का बड़ा फैसला: खाद्य आयात पर टैरिफ घटा, भारत को मिलेगा निर्यात का बूस्टर
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका में बढ़ती मुद्रास्फीति और उपभोक्ताओं की शिकायतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए खाद्य आयात पर लगने वाले टैरिफ को कम कर दिया है। इस कदम से भारतीय आम, अनार और चाय के निर्यात को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे दोनों देशों के व्यापार संबंधों को नई गति मिलेगी।nnदरअसल, ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का सीधा असर अमेरिकी उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा था। हाल ही में न्यूयॉर्क में हुए मेयर और गर्वनर चुनाव में महंगाई एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरी, जिसमें ट्रंप को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद, उन्होंने बीफ, कॉफी और फलों सहित दर्जनों कृषि उत्पादों पर लगे टैरिफ को हटाने का फैसला किया है।nnव्हाइट हाउस ने शुक्रवार को घोषणा की कि उष्णकटिबंधीय फल और जूस, चाय और मसाले उन आयातों में शामिल हैं जिन पर अब पारस्परिक शुल्क नहीं लगेगा। व्हाइट हाउस की फैक्टशीट में कॉफी, कोको, संतरे, टमाटर और बीफ जैसी अन्य वस्तुओं का भी उल्लेख किया गया है, जिन पर टैरिफ घटाया गया है।nnपूर्व में, ट्रंप ने भारत से आयात पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाया था। हालांकि, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत, ट्रंप प्रशासन ने पहले जेनेरिक दवाओं को शुल्क से मुक्त कर दिया था, जिससे भारत को बड़ा लाभ हुआ था, क्योंकि भारत अमेरिका में निर्धारित 47 प्रतिशत जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करता है। अब खाद्य आयात पर टैरिफ घटाने से आम, अनार और चाय जैसे भारतीय उत्पादों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी।nnइस हफ्ते जारी एनबीसी न्यूज के एक सर्वेक्षण में, 63 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने कहा कि जीवन-यापन की लागत और अर्थव्यवस्था के मामले में ट्रंप उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, और 30 प्रतिशत रिपब्लिकन भी इससे सहमत थे। हालांकि, ट्रंप ने “किफायतीपन” के मुद्दे को डेमोक्रेट्स द्वारा किया गया “पूरी तरह से धोखा” बताते हुए खारिज कर दिया और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में पेट्रोल और ऊर्जा की कम कीमतों तथा उच्च मुद्रास्फीति दर की ओर इशारा किया, जब यह एक समय 19.7 प्रतिशत तक पहुंच गई थी।nnसितंबर के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, भुनी हुई कॉफी की कीमतों में 18.9 प्रतिशत और बीफ तथा वील की कीमतों में 14.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। भारतीय किराना दुकानों में भारत से मसालों और खाद्य पदार्थों के आयात की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी, जो टैरिफ के प्रत्यक्ष प्रभाव को दर्शाती है।nnगौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश द्वारा टैरिफ हटाने के बाद से भारत से आम के आयात का भारत-अमेरिका संबंधों में एक विशेष स्थान रहा है। मिसाइलों, परमाणु सहयोग और प्रौद्योगिकी नवाचार के साथ-साथ आमों को भी फरवरी में ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान जारी संयुक्त बयान में जगह मिली थी। बयान में कहा गया कि भारत ने अमेरिका को भारतीय आमों और अनारों का निर्यात बढ़ाने के लिए अमेरिका द्वारा उठाए गए कदमों की भी सराहना की। (समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
IGL ने बढ़ाई CNG की कीमतें, नोएडा-गाजियाबाद में अब ₹1 महंगा ईंधन
दिल्ली विस्फोट: वज़ीरपुर में NIA की दस्तक, आतंकी उमर नबी की तलाश में चाय वाले से पूछताछ
IGI एयरपोर्ट पर बड़ा बदलाव: 26 अक्टूबर से इंडिगो और एअर इंडिया T2 से भरेंगी उड़ान
राजनाथ सिंह का बड़ा दावा: 2026 तक खत्म होगा नक्सलवाद, आंतरिक सुरक्षा पर जोर
दिल्ली के पंजाबी बाग में सनसनीखेज हत्या: युवती की मौत, युवक गंभीर घायल
दिल्ली के केशवपुरम में सनसनी: 48 घंटे में पुरुष-महिला के दो शव बरामद
नेटफ्लिक्स पर ‘ग्रेटर कलेश’ का जलवा, 52 मिनट की फिल्म ने जीता दर्शकों का दिल
दिल्ली में दीपावली पर जश्न के बीच जख्म: 200 से अधिक घायल, पटाखों और करंट का कहर
