भारत और पाकिस्तान के बीच प्रत्यक्ष व्यापार बंद होने के बावजूद गुप्त रूप से मंगवाया जा रहा सामान | india pakistan trade
भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक व्यापार भले ही पूरी तरह बंद हो, लेकिन पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की हकीकत कुछ और ही बयां करती है। केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है कि सीमा पर तनाव और तमाम प्रतिबंधों के बावजूद पाकिस्तान में भारतीय उत्पादों की मांग लगातार बनी हुई है और इनमें भारी इजाफा भी देखा गया है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के दौरान पाकिस्तान ने भारत से लगभग 5,876 करोड़ रुपये यानी करीब 61.74 मिलियन डॉलर मूल्य का सामान मंगवाया है। खास बात यह है कि इस अवधि में पाकिस्तान की तरफ से भारत को एक भी उत्पाद का निर्यात नहीं किया गया है। दोनों देशों के बीच साल 2019 के बाद से ही व्यापारिक रिश्ते बेहद तनावपूर्ण रहे हैं और भारत ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद और व्यापार एक साथ नहीं चल सकते। इसके बावजूद भारतीय सामान पाकिस्तान की घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहा है।
व्यापार विशेषज्ञों और थिंक टैंक की रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रक्रिया के लिए ‘ग्रे-जोन स्ट्रेटेजी’ का सहारा लिया जाता है। भारत से निकलने वाला सामान सीधे पाकिस्तान न जाकर दुबई, सिंगापुर या श्रीलंका जैसे तीसरे देशों के रास्तों से भेजा जाता है। इन ट्रांजिट हब्स में सामान के दस्तावेजों और पैकेजिंग लेबल्स को बदलकर मूल देश यानी भारत की जगह यूएई या अन्य देशों का नाम दर्ज कर दिया जाता है। इस चालाकी के जरिए कानूनी प्रतिबंधों और बैन से बचते हुए भारतीय दवाइयां, फार्मास्युटिकल कच्चा माल, केमिकल्स और कृषि उपकरण पाकिस्तान के बाजारों तक आसानी से पहुंच जाते हैं।
