दो दशक के लंबे इंतजार के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव का ऐलान | delhi university news
दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों के लंबे संघर्ष और विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लगभग दो दशकों के बाद छात्रसंघ चुनाव फिर से बहाल करने की घोषणा की है। इस फैसले से छात्र समुदाय में उत्साह का माहौल है, जो लंबे समय से लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली की मांग कर रहे थे।
छात्रों का उग्र प्रदर्शन बना फैसले की वजह
यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्र लगातार मुखर थे। हाल ही में स्थिति तब और गंभीर हो गई जब छात्रों ने धरने के साथ भूख हड़ताल शुरू कर दी। बढ़ते तनाव और सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रशासन ने ऑफलाइन कक्षाएं बंद कर ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दी थीं, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और गेट नंबर 7 के बाहर भारी हंगामा हुआ। इस जनदबाव और लगातार विरोध के चलते प्रशासन को आखिरकार झुकना पड़ा और चुनाव कराने का यह ऐतिहासिक निर्णय लेना पड़ा।
संविधान की मंजूरी पर टिकी है चुनाव की तारीख
जारी किए गए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के ठीक पंद्रह दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि, संविधान को अंतिम रूप से मंजूर करने की कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं की गई है, जिससे चुनाव की सटीक समयसीमा को लेकर संशय अभी भी बना हुआ है। इस फैसले से छात्रों को अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन तक पहुंचाने का एक मजबूत मंच दोबारा मिलने की उम्मीद जाग गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संविधान को कब तक हरी झंडी मिलती है और चुनावी प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ती है।
