इजरायली चुनावों में विदेशों से लौट रहे हजारों नागरिक, टिकी हैं राजनीतिक दलों की निगाहें | israel elections
इजरायल में संसदीय चुनाव की प्रक्रिया के बीच राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। देश में होने वाले मतदान में हिस्सा लेने के लिए लगभग 67 हजार इजरायली नागरिक विदेशों से अपने वतन वापस लौट रहे हैं। हजारों किलोमीटर की लंबी यात्रा तय कर रहे इन मतदाताओं का मुख्य उद्देश्य देश की आगामी राजनीतिक दिशा तय करना है, क्योंकि इजरायली नियमों के अनुसार विदेशों में रह रहे नागरिकों के लिए ऑनलाइन या डाक से वोट डालने की कोई व्यवस्था नहीं है।
तेल अवीव के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रवासियों का तांता लगा हुआ है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इन लौटने वाले नागरिकों में से लगभग आधे अकेले अमेरिका से आ रहे हैं, जबकि शेष यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के अन्य हिस्सों से पहुंच रहे हैं। अधिकांश लोग अपनी यात्रा का खर्च खुद वहन कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के बीच इन प्रवासियों की वापसी बेहद अहम मानी जा रही है। इजरायल में कुल मतदाताओं की संख्या 73 लाख से अधिक है और ओपिनियन पोल के अनुसार मुकाबला बेहद कांटे का है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विदेशों में रह रहे ये नागरिक अमूमन व्यवस्था में बदलाव के पक्ष में मतदान करते हैं। यही कारण है कि बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी इस प्रक्रिया को लेकर असहज नजर आ रही है, और कयास लगाए जा रहे हैं कि इस वापसी अभियान को प्रभावित करने के प्रयास भी किए गए थे।
यह राजनीतिक हलचल ऐसे समय में देखने को मिल रही है जब पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में लोगों ने देश छोड़ा था। अब इन नागरिकों की वापसी से चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक हो गया है, और इसका सीधा असर देश की भविष्य की राजनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है।
