मक्का-मदीना पर हमले से हूतियों का इनकार, सऊदी के तेल ठिकानों को बनाया निशाना | international news
यमन के हूती विद्रोहियों ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि उन्होंने इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों मक्का और मदीना को निशाना बनाकर हमले किए हैं। समूह ने स्पष्ट किया कि उनके सैन्य अभियानों का दायरा केवल सऊदी अरब की तेल सुविधाओं और सामरिक सैन्य ठिकानों तक सीमित है। इस तरह के हमलों की पुष्टि करते हुए विद्रोही संगठन हमेशा सार्वजनिक रूप से घोषणा करता है।
सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने पहले जानकारी दी थी कि देश के विभिन्न हिस्सों की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जिसके बाद मक्का, जेद्दा, ताइफ और रबिघ जैसे इलाकों में मिसाइलों के मलबे गिरे हैं। सऊदी अधिकारियों द्वारा जारी अलर्ट के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, हालांकि हूतियों के इस ताज़ा स्पष्टीकरण पर सऊदी प्रशासन की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यमन में बढ़ते इस संघर्ष ने साल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए महत्वपूर्ण युद्धविराम को गंभीर खतरे में डाल दिया है। इस समझौते के बाद से सऊदी गठबंधन और हूतियों के बीच सीमा पार हमलों में काफी कमी आई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय तनाव में यह वृद्धि व्यापक भू-राजनीतिक संघर्ष को और हवा दे सकती है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति पर पड़ेगा।
