आंध्र प्रदेश के सीएम नायडू ने जगन मोहन को बताया कंस मामा, पारिवारिक विवाद पर कसा तंज | state politics
आंध्र प्रदेश की राजनीति में पारिवारिक कलह एक बार फिर बड़े विवाद का केंद्र बन गई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी पर तीखा निशाना साधते हुए उन्हें ‘कंस मामा’ की संज्ञा दी है। यह पूरा मामला जगन की बहन वाई.एस. शर्मिला की बेटी की शादी से जुड़ा है, जिसके लिए बेंगलुरु के पारिवारिक पैलेस के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।
पारिवारिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंध्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख शर्मिला चाहती थीं कि उनकी बेटी की शादी बेंगलुरु स्थित विशाल ‘येलाहंका पैलेस’ में हो। हालांकि, संपत्ति विवाद और आपसी कड़वाहट के चलते जगन मोहन रेड्डी ने सुरक्षा और प्राइवेसी का हवाला देते हुए इस पर रोक लगा दी। इसके चलते शर्मिला को शादी के लिए कोई अन्य स्थान तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर रेड्डी परिवार के भीतर चल रहे संपत्ति विवाद को सार्वजनिक कर दिया है, जो साल 2009 में वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के निधन के बाद से अनसुलझा है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने इस मुद्दे पर जगन मोहन रेड्डी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि संपत्ति के बंटवारे को लेकर जगन ने अपनी मां और बहन के साथ भी अनुचित व्यवहार किया है। नायडू ने कहा कि ऐसी सोच और राजनीति समाज के लिए खतरनाक है, जहां पारिवारिक रिश्तों में भी दुर्भावना साफ झलकी, और इससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पारिवारिक ड्रामे का असर आने वाले समय में राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है, क्योंकि दोनों दल इसे एक-दूसरे के खिलाफ नैतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। आम जनता के बीच भी नेताओं के इस तरह के व्यक्तिगत और पारिवारिक विवाद चर्चा का विषय बने हुए हैं।
