जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत, तिहाड़ जेल से रिहाई | national news
दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है। अदालत ने पुलिस की उस मांग को ठुकरा दिया जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की अपील की गई थी। इस रिहाई से सार्वजनिक जीवन में कानून के दायरे के भीतर रहकर अपनी बात रखने और प्रदर्शन करने के अधिकार पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
अदालत ने दोनों नेताओं की जमानत के लिए कुछ कड़े नियम और शर्तें तय की हैं। इसके तहत सौरव दास और आशुतोष रांका को 50-50 हजार रुपये का निजी मुचलका भरना पड़ा है और जमानतदार भी पेश किए गए हैं। इसके अलावा, दोनों ने लिखित आश्वासन दिया है कि वे भविष्य में शांति व्यवस्था बनाए रखेंगे और जब तक जंतर-मंतर को कानूनी रूप से दोबारा प्रदर्शन स्थल घोषित नहीं किया जाता, वहां कोई आयोजन नहीं करेंगे। साथ ही, उन्हें हर पेशी पर अदालत में मौजूद रहना होगा।
यह पूरा मामला 13 अक्टूबर का है, जब जंतर-मंतर पर बिना अनुमति के प्रदर्शन करने, बैरिकेड तोड़ने और पहले दिए गए शांति बॉन्ड का उल्लंघन करने के आरोप में इन्हें पकड़ा गया था। एसईएम कोर्ट ने शुरुआती सुनवाई के बाद इन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा था। जेल से बाहर आने से पहले दोनों ने अपनी हिरासत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, जहां से उन्हें निचली अदालत की प्रक्रिया का पालन करने का निर्देश मिला था।
कानूनी जानकारों का मानना है कि जेल से रिहा होने का मतलब यह नहीं है कि दोनों नेता आरोपों से पूरी तरह बरी हो चुके हैं। यह केवल न्यायिक हिरासत से राहत का आदेश है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को तय की गई है, जिसमें पुलिस को जमानतदारों की सत्यापन रिपोर्ट अदालत में पेश करनी होगी।
