देश के अलग-अलग हिस्सों में नवरात्रि के दौरान हुए हादसों में 33 लोगों की मौत | national news
शक्ति की आराधना के पावन पर्व नवरात्रि के दौरान खुशियों का माहौल उस समय मातम में बदल गया जब देश के अलग-अलग राज्यों से तीन बड़ी दुर्घटनाओं की खबरें सामने आईं। इन हादसों में कुल 33 लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। इस तरह की प्राकृतिक और प्रशासनिक चूकों से सजे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम मूसलाधार बारिश के बीच भारी भीड़ के दौरान भगदड़ मच गई और पंडाल का एक हिस्सा ढह गया। इस भीषण हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
दूसरी घटना मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की है, जहां शीतला माता मंदिर के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ को एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया। इस दर्दनाक सड़क हादसे में 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। ट्रक धान से लदा हुआ था और पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए मंदिर की दीवार से जा टकराया था। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
उधर, तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज में नवरात्रि के मौके पर आयोजित डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग ट्रस भरभराकर गिर पड़ा। इस दुर्घटना में प्रथम वर्ष की एक छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई और उसकी बहन सहित कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हो रहे ऐसे हादसों से यह स्पष्ट होता है कि बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा मानकों और भीड़ प्रबंधन की अनदेखी आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ रही है।
