केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कांग्रेस पर बड़ा हमला, चुनाव आयोग के मुद्दों पर घेरा | india politics
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी का रवैया पूरी तरह से बचकाना और निराधार है। गोयल ने कांग्रेस के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पहले की सरकारों के दौरान चुनाव आयुक्तों को राजनीतिक लाभ और बड़े पद दिए गए थे।
गोयल ने पुराने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मुख्य चुनाव आयुक्त रहे अधिकारियों को बाद में राज्यपाल, केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह और पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उन्होंने एमएस गिल और टीएन शेषन के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के राजनीतिक रिवॉर्ड्स से चुनाव आयोग की गरिमा प्रभावित हुई थी। केंद्रीय मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि सोनिया गांधी के कार्यकाल के दौरान नियुक्तियों में किस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती थी, क्योंकि उस समय सरकार के फैसलों पर कई सवाल खड़े होते रहे हैं।
इस बयान से राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चुनाव आयोग की स्वायत्तता और अतीत की नियुक्तियों को लेकर गर्मागर्म बहस शुरू हो गई है। आम जनता के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि संवैधानिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों के आपसी संबंधों की सीमाएं क्या होनी चाहिए, जिससे लोकतंत्र की निष्पक्षता पर कोई आंच न आए।
