76 साल की उम्र में आगरा के राधेश्याम गुप्ता ने तैराकी में जीता रजत पदक | agra news
उम्र महज एक संख्या है और इसे सच साबित कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के रहने वाले 76 वर्षीय राधेश्याम गुप्ता ने। बेंगलुरु में हाल ही में संपन्न हुई द्वितीय एशियाई मास्टर तैराकी चैंपियनशिप में उन्होंने अपने आयु वर्ग की 200 मीटर बैक स्ट्रोक स्पर्धा में दूसरा स्थान प्राप्त करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे देश और प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
यह प्रतियोगिता स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की देखरेख में आयोजित की गई थी, जिसमें कई देशों के दिग्गज तैराकों ने हिस्सा लिया था। खास बात यह है कि राधेश्याम गुप्ता किसी आधुनिक स्विमिंग पूल की बजाय रोज यमुना नदी के ठंडे पानी में कड़ा अभ्यास करते हैं। शिक्षा विभाग से हेडमास्टर के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनका खेलों के प्रति समर्पण कम नहीं हुआ है। इससे पहले उन्होंने सितंबर में हरियाणा के बहादुरगढ़ में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन कर इस एशियाई चैंपियनशिप के लिए अपनी जगह पक्की की थी।
बचपन से तैराकी के शौकीन रहे राधेश्याम ने साल 1988 से इसे नियमित तौर पर करना शुरू किया था। वे अब तक अपने इलाके के करीब 50 से अधिक युवाओं और बच्चों को मुफ्त में तैराकी का प्रशिक्षण दे चुके हैं। बुजुर्ग अवस्था में इस तरह का जज्बा और पदक जीतना आने वाली पीढ़ी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो यह साबित करता है कि लगन हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी है।
