अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत पर सीजेपी ने उठाए सवाल | national news
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देश में कानून व्यवस्था और नागरिक अधिकारों को लेकर तीखे सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का दावा है कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लेने के बाद किसी अज्ञात जगह पर शिफ्ट कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है और विपक्षी खेमे से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पार्टी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए इन तीनों व्यक्तियों के ठिकानों के बारे में उनके परिजनों को भी अंधेरे में रखा गया है। परिवारों को आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया गया है कि उन्हें कहां और किस स्थिति में रखा गया है। इसके अलावा, सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि इन सभी को कानूनी सहायता से वंचित रखते हुए वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जो कि बुनियादी कानूनी अधिकारों का हनन है।
इस तरह की कार्रवाई से नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस तरह के मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती जाती है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन सकता है। जनता और राजनीतिक दलों के बीच इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ रही है कि बिना स्पष्ट जानकारी के इस तरह की गिरफ्तारियां क्यों की जा रही हैं।
