कोल्ड्रिफ सीरप केस: 24 मासूमों की मौत का आरोपी रंगनाथन कोर्ट में बेपरवाह, हावभाव से गहराया आक्रोश
जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सीरप कांड के मुख्य आरोपी और श्रीशन फार्मास्युटिकल के मालिक जी. रंगनाथन को परासिया न्यायालय में पेश किया गया। 24 मासूम बच्चों की मौत के जिम्मेदार रंगनाथन ने मीडिया के सामने बेपरवाह और सेलिब्रिटी जैसा व्यवहार किया, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सीरप मामले के मुख्य आरोपी जी. रंगनाथन को आज परासिया न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसकी बेपरवाह भाव-भंगिमा ने सभी को स्तब्ध कर दिया। श्रीशन फार्मास्युटिकल के मालिक रंगनाथन पर 24 मासूम बच्चों की दुखद मौत का आरोप है, लेकिन कोर्ट परिसर में उसका व्यवहार चौंकाने वाला था। पुलिस हिरासत में होने के बावजूद, वह मीडिया कैमरों को देखकर इस प्रकार हाथ हिला रहा था, मानो वह कोई लोकप्रिय नेता या सेलिब्रिटी हो। उसके चेहरे पर बच्चों की मौत का कोई पछतावा या शिकन तक दिखाई नहीं दी, जिससे मौके पर मौजूद लोगों और पीड़ित परिवारों में गुस्सा और आक्रोश गहरा गया।
पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद न्यायालय ने रंगनाथन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। यह पूरा प्रकरण देश में दवा निर्माण की गुणवत्ता, नियामक निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिस व्यक्ति पर इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी का आरोप है, उसका यह गैर-जिम्मेदाराना आचरण समाज में गहरे आक्रोश का कारण बन रहा है। 24 परिवारों का जीवन तबाह करने वाले इस व्यक्ति के चेहरे पर बच्चों की मौत का कोई मलाल न होना, न्याय की मांग कर रहे लोगों के लिए असहनीय है।
कोल्ड्रिफ कफ सीरप में पाए गए जहरीले तत्व ने कई घरों को उजाड़ दिया है, और इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपी का यह लापरवाह रवैया पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। रंगनाथन का यह व्यवहार न केवल कानून के प्रति उसकी उपेक्षा दर्शाता है, बल्कि उन मासूमों के प्रति उसकी संवेदनहीनता को भी स्पष्ट करता है, जिनकी जान उसके दूषित उत्पाद ने ली। यह घटना ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके और न्याय सुनिश्चित हो।
Source: Jagran
