दिल्ली में मॉनसून की विदाई के बाद हवा हुई जहरीली, अक्टूबर का पहला हफ्ता तीन साल में सबसे ज्यादा प्रदूषित | delhi air pollution
दिल्ली में मॉनसून की विदाई के साथ ही हवा की सेहत लगातार गिरती जा रही है। राजधानी में अक्टूबर के शुरुआती सात दिन पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक प्रदूषित रहे हैं। इस अवधि के दौरान औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 171 दर्ज किया गया, जो साल 2023 के बाद सबसे खराब शुरुआती हफ्ता है। बढ़ते प्रदूषण के इस दौर ने शहर के नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर सांस के मरीजों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है।
क्यों और कैसे बिगड़े हालात?
अक्टूबर के पहले दिन से ही हवा में प्रदूषण घुलना शुरू हो गया था। महीने की शुरुआत 166 AQI के साथ हुई, जो 4 अक्टूबर को बढ़कर 187 के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बीच में कुछ सुधार भी देखा गया और AQI घटकर 136 पर आया, लेकिन केंद्रीय मानकों के अनुसार यह अभी भी ‘मध्यम’ श्रेणी में बना हुआ है। हवा की सुस्त रफ्तार, जो कि 10 किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम है, और कम वेंटिलेशन इंडेक्स के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंस कर रह गए हैं। इसके अलावा, देश के विभिन्न राज्यों में पराली जलाने के मामले सामने आने से स्थिति पर विपरीत असर पड़ा है।
गर्मी और उमस का दोहरा प्रहार
हवा की खराब स्थिति के साथ-साथ दिल्लीवासियों को गर्मी का भी सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख मौसम केंद्रों पर तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है। सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से डेढ़ डिग्री ज्यादा यानी 35.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता इसी मध्यम श्रेणी में बनी रहेगी और तापमान में भी खास गिरावट की उम्मीद नहीं है।
