लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा: राहुल गांधी | national politics
लोकतंत्र की रक्षा के लिए संसद से लेकर सड़क तक जारी विरोध प्रदर्शन के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर के पास INDIA ब्लॉक के नेताओं को रोके जाने की घटना के बाद केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सीधा निशाना साधा है। उनका यह कड़ा रुख देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और विपक्ष की एकजुटता को रेखांकित करता है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को बचाने के लिए सड़क पर डटे हर एक सांसद के आभारी हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन चाहे तो मार्च रोक सकता है या बैठकों से इनकार कर सकता है, लेकिन यह ताक़त जनता और जनप्रतिनिधियों की इच्छाशक्ति को डिगा नहीं सकती। इस पूरे घटनाक्रम ने नागरिकों के बीच व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और धारा 163 का हवाला देते हुए विपक्षी नेताओं के मार्च को अशोक रोड के पास रोक दिया था, जिसके बाद वहां भारी हंगामा हुआ। प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई प्रमुख नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन विभिन्न स्तरों पर जारी रहेगा।
