फ्रांस के प्रदर्शनों पर डोनाल्ड ट्रंप का विवादित बयान, पेरिस विरोध प्रदर्शन को इस्लाम से जोड़ा | world news
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में इन दिनों जारी उग्र छात्र प्रदर्शनों को लेकर एक तीखी प्रतिक्रिया दी है। फ्रांस के कई प्रमुख शहरों में हाई स्कूल के छात्रों द्वारा शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, शिक्षकों की कमी और खराब बुनियादी ढांचे को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जो धीरे-धीरे हिंसक झड़पों में बदल चुके हैं। इन प्रदर्शनों ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस को भी जन्म दे दिया है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि फ्रांस की सड़कों पर दिख रहा यह आक्रोश बेकाबू माइग्रेशन का परिणाम है। उन्होंने सीधे तौर पर इन घटनाओं को इस्लाम से जोड़ते हुए कहा कि यह सब एक महान देश पर कब्जे की मंशा के तहत हो रहा है। फ्रांस में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की है, जबकि देश के गृह मंत्रालय के अनुसार इन विरोध प्रदर्शनों में ढाई लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरे।
इस तरह के बयानों से यूरोपीय देशों की माइग्रेशन नीतियों पर एक बार फिर वैश्विक स्तर पर बहस तेज हो गई है। स्थानीय राजनीति में भी दक्षिणपंथी दलों ने हिंसक वारदातों पर कड़ा रुख अपनाने की मांग की है। इस घटनाक्रम से यूरोपीय देशों की आंतरिक सुरक्षा और आप्रवासी नीतियों को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिसका असर आने वाले समय में कूटनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है।
