रामप्रताप सिंह चौहान बने भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार, मंडल अध्यक्ष से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर | uttar pradesh news
भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में लंबी सेवाएं दे रहे प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान को राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के समय वे मेरठ में संगठनात्मक बैठक ले रहे थे। उनके इस मनोनयन से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और इसे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को मिलने वाले बड़े सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
रामप्रताप सिंह चौहान का राजनीतिक सफर काफी संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है। उनके पिता योगेंद्र सिंह चौहान जनसंघ के समय से सक्रिय रहे थे और इमरजेंसी के दौरान जेल भी गए थे। पारिवारिक पृष्ठभूमि से राजनीतिक संस्कार मिलने के बाद रामप्रताप चौहान ने वर्ष 1991 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष के रूप में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और पार्टी के विभिन्न दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाया।
संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें महानगर अध्यक्ष, ब्रज क्षेत्र का प्रभारी, प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री जैसी अहम जिम्मेदारियां सौंपीं। वर्ष 2017 में वे एत्मादपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। हालांकि 2022 में टिकट कटने के बावजूद उन्होंने संगठन के प्रति अपनी वफादारी बनाए रखी और पार्टी ने उन्हें लगातार प्रमोट करते हुए प्रदेश महामंत्री और फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया।
राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर रामप्रताप सिंह चौहान ने पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना पार्टी की आंतरिक कार्यशैली का प्रमाण है। इस नए राजनीतिक पड़ाव से क्षेत्र के विकास और जनता की सेवा के कार्यों को एक नई गति मिलेगी।
