आज है इंदिरा एकादशी, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और पारण का समय | religion news
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है, क्योंकि यह पितृ पक्ष के दिनों में पड़ती है। आज यानी एकादशी के पावन अवसर पर भगवान विष्णु के ‘हृषिकेश’ स्वरूप की पूजा-अर्चना की जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से न केवल साधक को पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि इसका फल पूर्वजों को अर्पित करने से पितृ तृप्त होते हैं और उन्हें मोक्ष मिलता है।
द्रिक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि आज देर रात से शुरू हो चुकी है और इसका समापन कल देर रात होगा। वहीं, व्रत का पारण कल यानी 7 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 17 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 38 मिनट के बीच किया जाएगा। इस दौरान दान-पुण्य करने का विशेष विधान है।
धार्मिक कथाओं के अनुसार, इंदिरा एकादशी व्रत के नियम दशमी तिथि से ही आरंभ हो जाते हैं। साधकों को दशमी के दिन सात्विक भोजन करना चाहिए। एकादशी के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान विष्णु या शालिग्राम जी की स्थापना कर उन्हें पीले फूल, पंचामृत, फल और तुलसी दल अर्पित किए जाते हैं। इस व्रत को करने से वंशजों के जीवन में सुख-समृद्धि और आरोग्य का वास होता है, साथ ही पारिवारिक कलह से भी मुक्ति मिलती है।
