IIT दिल्ली के पीएचडी छात्र की संदिग्ध मौत मामले में आखिरकार दर्ज हुई FIR | national news
आईआईटी दिल्ली के एक पीएचडी छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए आखिरकार एफआईआर दर्ज कर ली है। यह मामला दक्षिण दिल्ली के किशनगढ़ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत दर्ज किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों और आईआईटी दिल्ली के सुरक्षा अधिकारी की आधिकारिक शिकायत के आधार पर यह कदम उठाया गया है।
यह पूरी घटना 18 अगस्त को सामने आई थी, जब छात्र मुनिरका गांव स्थित अपने किराए के मकान में संदिग्ध और अचेत अवस्था में पाए गए थे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पड़ोसियों ने मशक्कत कर इसे तोड़ा था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां लगभग 45 दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन 3 अक्टूबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना के बाद से ही छात्र समुदाय में रोष व्याप्त था और न्याय की मांग तेज हो गई थी, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ा है।
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, घटना के वक्त छात्र कमरे में बिल्कुल अकेले थे। अब तक परिवार के किसी भी सदस्य या अन्य गवाह की तरफ से किसी पर सीधा आरोप नहीं लगाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह घटना संस्थान के कैंपस के अंदर नहीं बल्कि बाहर किराए के कमरे पर हुई थी। ऐसे मामलों में प्रशासनिक पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर उठने वाले सवाल यह रेखांकित करते हैं कि शिक्षण संस्थानों को अपने परिसरों के बाहर रहने वाले विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति और कल्याण पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
