दिल्ली में प्रदूषण और गर्मी का दोहरा प्रहार, 83 दिनों में सबसे खराब स्तर पर पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक | delhi pollution
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर मौसम का मिजाज और बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय बनता जा रहा है. रविवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI गिरकर 187 पर पहुंच गया, जो पिछले 83 दिनों में सबसे खराब स्थिति को दर्शाता है. हालांकि यह अभी ‘मध्यम’ श्रेणी में है, लेकिन हवा की गुणवत्ता में आ रही गिरावट आने वाले दिनों के लिए खतरे की घंटी है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में हवा की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. मुंडका और नरेला जैसे क्षेत्रों में AQI 270 के पार दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. राजधानी के अधिकांश निगरानी स्टेशनों पर हवा या तो मध्यम या खराब श्रेणी में रिकॉर्ड की गई, जिससे सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति हानिकारक साबित हो सकती है.
प्रदूषण के साथ-साथ गर्मी और तापमान में भी इजाफा देखा जा रहा है. रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया, जिससे秋 के इस दौर में भी गर्मी का अहसास बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में स्थिति ऐसी ही बनी रह सकती है, जब तक कि हवा की गति में सुधार न हो.
दूसरी ओर, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के मामले भी सामने आने लगे हैं. कृषि अनुसंधान संस्थानों के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर और अक्टूबर के शुरुआती दिनों में कई जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनका असर आने वाले दिनों में दिल्ली की हवा पर और अधिक देखने को मिल सकता है।
