आगरा में इंटरनेशनल लेदर एंड फुटवियर फेयर का आयोजन, चीनी कंपनियों ने बढ़ाई दिलचस्पी | agra news
ताजनगरी आगरा में आयोजित बहुप्रतीक्षित तीन दिवसीय जूता मेला ‘मीट एट आगरा’ इस बार व्यापारिक दृष्टि से बेहद खास बन गया है। उत्तर प्रदेश के सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में चल रहे इस फेयर में पहली बार सात चीनी कंपनियों ने सीधे तौर पर अपने स्टॉल सजाए हैं। फेयर का आयोजन आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें लेदर इंडस्ट्री से जुड़े तमाम आधुनिक उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
चीनी कंपनियों का भारतीय बाजार पर फोकस
अब तक चीनी कंपनियां इस तरह के मेलों में केवल अपने प्रतिनिधियों को विजिटर्स के रूप में भेजती थीं, लेकिन इस बार उन्होंने खुद स्टॉल लगाकर भारतीय कारोबारियों से सीधा संपर्क साधना शुरू कर दिया है। फेयर में चीन से आई विभिन्न कंपनियां शू असेसरीज, कंपोनेंट्स, सिंथेटिक लेदर, लेस और आधुनिक सोल लेकर पहुंची हैं। गुआंगझू और हेनान प्रांत से आए प्रतिनिधियों का कहना है कि भारत का घरेलू जूता बाजार तेजी से विकसित हो रहा है और यहां व्यापार की असीम संभावनाएं मौजूद हैं।
उत्पादों की विविधता और तकनीकी खासियत
मेले में प्रदर्शित चीनी उत्पादों में लेडीज शूज और बैग्स में इस्तेमाल होने वाली फैंसी असेसरीज, राइनस्टोन ट्रिम, फ्लावर मैश लेदर और रिसाइकिल लेदर प्रमुख हैं। इसके अलावा एथिलीन विनाइल एसीटेट (ईवीए) मैटेरियल से बने स्पोर्ट्स शूज़ के नरम, लचीले और वाटर-रेसिस्टेंट सोल भी प्रदर्शित किए गए हैं। इन आधुनिक सामग्रियों का उपयोग कर भारतीय जूता निर्माता अपने उत्पादों को एक नया और आकर्षक लुक दे सकते हैं।
व्यापारिक समीकरणों में बदलाव
गौरतलब है कि कोरोना काल से पहले चीन से जूता निर्माण से जुड़े कंपोनेंट्स और मोल्ड्स का आयात बड़े पैमाने पर होता था। हालांकि, बाद में प्रतिबंधों और भारतीय निर्माताओं द्वारा स्वदेशी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के कारण आयात में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। अब चीनी कंपनियों का सीधे मेले में उतरना यह दर्शाता है कि वे भारतीय बाजार की मजबूत पकड़ को भुनाने के लिए नए रणनीतिक रास्ते तलाश रही हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सहभागिता से स्थानीय स्तर पर लेदर उद्योग के विस्तार और तकनीकी आदान-प्रदान के नए द्वार खुलने की उम्मीद है।
