वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम की व्यवस्था में बड़े बदलाव, दीक्षा और दर्शन पर रोक | vrindavan news
मथुरा के वृंदावन में आध्यात्मिक संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े एक शिष्य की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत के बाद आश्रम प्रबंधन ने कई बड़े प्रशासनिक और आंतरिक कदम उठाए हैं। इस घटना के सामने आने के बाद से ही श्रद्धालुओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसे देखते हुए व्यवस्थाओं को और अधिक नियंत्रित कर दिया गया है।
केली कुंज आश्रम में नए भक्तों को दी जाने वाली दीक्षा के कार्यक्रम को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इसके साथ ही सामान्य श्रद्धालुओं के लिए टोकन के माध्यम से होने वाले दर्शनों की प्रक्रिया को भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। अधिकारियों और सेवादारों द्वारा माइक के जरिए इसकी सूचना लगातार आश्रम आने वाले श्रद्धालुओं को दी जा रही है ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
बदलावों का यह दायरा केवल केली कुंज तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यमुना विहार कुंज बेलवान स्थित आश्रम में भी असर देखने को मिल रहा है। यहां पहले से दीक्षित भक्तों के लिए जो विशेष दर्शन व्यवस्था संचालित हो रही थी, उसे भी आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, आश्रम में सेवा दे रहे सेवादारों की वेशभूषा में भी बदलाव किया गया है, जो इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है।
यह पूरा घटनाक्रम प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत के बाद सामने आया है। मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी दीपक की एक इमारत से गिरने से मौत हो गई थी, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम और पुलिस अधिकारी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा तथा अन्य साक्ष्यों को खंगालने में जुटे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना से पहले वास्तव में क्या हुआ था। इन प्रशासनिक फेरबदल से दूर-दूर से वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को फिलहाल अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है।
